कानपुर के मेस्टन रोड स्थित मिश्री बाजार में बुधवार रात 7:30 बजे अवैध पटाखों के भंडार में हुए धमाके ने शहर में हड़कंप मचा दिया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर अफवाहों और भ्रामक खबरों का दौर शुरू हो गया, जिसके जरिए घटना के बाद कुछ असामाजिक तत्वों ने सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की। पुलिस ने घटना के बाद साफ शब्दों में स्पष्ट कर दिया था कि यह विस्फोट किसी आतंकी घटना या देशविरोधी गतिविधियों से जुड़ा नहीं है। ये धमाका अवैध पटाखों के बारूद के कारण हुआ, जिसमें कोई जनहानि नहीं हुई।
इस मामले में कानपुर पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 26 संदिग्धों को हिरासत में लिया और पटाखो के अवैध भंडारण पर देर रात से चल रहे सर्च ऑपरेशन में पुलिस के द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों से पहले दिन ही अबतक 100 क्विंटल से अधिक अवैध विस्फोटक सामग्री जब्त की। साथ ही चोरी की स्कूटी से बारूद की आपूर्ति करने वालों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनपर भी कार्यवाही की तैयारियां पूरी हो चुकी है ।
धमाके के बाद सोशल मीडिया पर कुछ असामाजिक तत्वों ने भ्रामक खबरें फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश की। कुछ ने सैनिकों की मौत की अफवाह उड़ाई, तो कुछ ने मस्जिद को क्षतिग्रस्त होने का दावा किया। एक फर्जी खबर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्वयंसेवकों की संलिप्तता का भी निराधार आरोप लगाया गया।
कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने इन अफवाहों का खंडन करते हुए कहा, 'यह धमाका अवैध पटाखों के कारण हुआ और इसमें किसी सामाजिक या संगठनात्मक साजिश के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।' ऐसे में कानपुर पुलिस के द्वारा कुछ अफ़वाह फैलाने वाली पोस्टों के सोशल मीडिया हैंडल भी शेयर किए गए हैं।
इसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसियों (NIA) और अन्य खुफिया विभागों ने इन अफवाहों के पीछे संदिग्ध तत्वों की पहचान शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि कुछ बाहरी और स्थानीय असामाजिक तत्व सामाजिक माहौल को खराब कर घटना को गलत तथ्यों के साथ तोड़मरोड़ कर फैलाने की कोशिश में जुटे हैं। पुलिस आयुक्त ने ऐसे में नागरिकों से अपील भी की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अनधिकृत खबरों पर भरोसा न करें और शांति बनाए रखें।
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने गुरुवार देर शाम मीडिया से वार्ता करते हुए बताया कि धमाके के बाद शहर में कई थानाक्षेत्रों में अवैध रूप से किए गए पटाख़ों के भंडारण के खिलाफ़ व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान 100 क्विंटल अवैध पटाखे जब्त मूलगंज, फजलगंज, नौबस्ता और गोविंद नगर जैसे इलाकों से भारी मात्रा में अवैध विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। 18 दुकानें और 3 गोदाम सील अवैध भंडारण और बिक्री के लिए इस्तेमाल होने वाली दुकानों और गोदामों पर ताला लगा दिया गया।
पुलिस ने कहा कि 26 संदिग्ध हिरासत में लिए गए। लोगों में 18 मूलगंज, 3-3 फजलगंज और गोविंद नगर, तथा 2 नौबस्ता से हैं। इनमें अवैध पटाखों की बिक्री और भंडारण से जुड़े लोग शामिल हैं। चोरी की स्कूटी का खुलासा जांच में पता चला कि मिश्री बाजार में बारूद की आपूर्ति चोरी की स्कूटी के जरिए की गई थी। पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े लोगों को भी हिरासत में लिया है।
पुलिस ने पुष्टि की कि मिश्री बाजार में अवैध पटाखों का कारोबार थाने से महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर चल रहा था। इस लापरवाही के लिए संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जा रही है। जिसमे थानाप्रभारी, चौकी प्रभारी, समेत 4 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है, साथ ही एसीपी कोतवाली आशुतोष कुमार को सर्कल से हटा दिया गया है।
अनुराग श्रीवास्तव की रिपोर्ट
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