प्रयागराज: प्रयागराज में माघ मेले में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। रविवार को माघी पूर्णिमा स्नान पर्व पर 2.10 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम और गंगा में डुबकी लगाई। मेला प्राधिकरण के एक अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि कड़ाके की ठंड और कोहरे के बावजूद शनिवार रात 12 बजे से ही श्रद्धालुओं का मेला क्षेत्र में आगमन और गंगा स्नान जारी रहा। रविवार शाम छह बजे तक 2.10 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया।
घने कोहरो के बावजूद बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
जिला मजिस्ट्रेट मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि पिछले एक महीने से मेले में कल्पवास कर रहे कल्पवासियों का रविवार को अंतिम गंगा स्नान था, इसलिए उनके परिजन उन्हें घर वापस ले जाने के लिए आए हैं। उन्होंने बताया, "सुबह घना कोहरा होने के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु आए और सभी घाटों पर स्नान सुचारू ढंग से चला।'सभी घाटों पर सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
ड्रोन से मेला क्षेत्र की निगरानी
एसडीआरएफ और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमों को तैनात किया गया। इसके अलावा नाविकों और गोताखोरों को भी सभी घाटों पर तैनात किया गया ।'' वर्मा ने बताया कि सभी घाटों पर पर्याप्त संख्या में चेंजिंग रूम उपलब्ध रहे और सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से मेला क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। सभी अधिकारी मेला क्षेत्र में भ्रमणशील हैं।
15 फरवरी को माघ मेले का समापन
त्रिवेणी संगम आरती सेवा समिति के अध्यक्ष आचार्य राजेंद्र मिश्र ने बताया कि माघ मेले में करीब पांच लाख कल्पवासियों का एक माह का कल्पवास माघी पूर्णिमा स्नान के साथ संपन्न हो जाएगा और आगामी 15 फरवरी को महाशिवरात्रि स्नान पर्व के साथ माघ मेले का समापन हो जाएगा।
10 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि 800 हेक्टेयर में फैले मेला क्षेत्र को सात सेक्टर में बांटा गया है और 25 हजार से अधिक शौचालय बनाए गए हैं व 3,500 से अधिक सफाईकर्मी तैनात हैं। पुलिस अधीक्षक (माघ मेला) नीरज पांडेय ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। यातायात को सुगम बनाए रखने के लिए एक लाख से अधिक वाहन क्षमता के 42 अस्थायी पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि माघ मेला 2025-26 के लिए कुल 12,100 फुट लंबे घाटों का निर्माण किया गया है, जिनमें सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं।