Saturday, February 07, 2026
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यूपीः बरेली में ग्राम समाज की जमीन पर बनी मस्जिद पर चला बुलडोजर, कोर्ट के आदेश के बाद एक्शन

बरेली में ग्राम समाज की जमीन पर बनी अवैध मस्जिद को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया गया है। मस्जिद को गिराने के लिए दो बुलडोजर का इस्तेमाल का किया गया। यह मस्जिद भोजीपुरा टोल प्लाजा के पास घनघोरा पिपरिया गांव में बनी थी।

Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav
Published : Feb 07, 2026 02:00 pm IST, Updated : Feb 07, 2026 02:17 pm IST
 ग्राम समाज की जमीन पर बनी मस्जिद पर चला बुलडोजर- India TV Hindi
Image Source : REPORTER ग्राम समाज की जमीन पर बनी मस्जिद पर चला बुलडोजर

बरेलीः बरेली जिले के भोजीपुरा मे अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन की सख्ती लगातार जारी है। इसी क्रम में भोजीपुरा थाना क्षेत्र के पिपरिया गांव में एक अवैध मस्जिद पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई। ग्राम समाज की जमीन पर बनी मस्जिद को गिराने के लिए दो बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया। कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने यह कार्रवाई की। 

बताया जा रहा है कि यह मस्जिद आला हजरत के नाम से बनाई गई थी,जिसे प्रशासन ने अवैध निर्माण मानते हुए ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ की। आज जिला प्रशासन की टीम पुलिस बल और बुलडोजरों के साथ मौके पर पहुंची। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मस्जिद को गिराने का कार्य शुरू कर दिया गया। 

करीब 300 वर्गगज में बनी थी मस्जिद

जानकारी के अनुसार, मस्जिद करीब 300 वर्गगज क्षेत्रफल में निर्मित थी। लंबे समय से इसे लेकर विवाद चल रहा था, जिसके बाद मामला न्यायालय तक पहुंच गया। प्रशासन का कहना है कि निर्माण को अवैध श्रेणी में मानते हुए हटाया गया। इस कार्रवाई की सूचना मिलते ही भीम आर्मी के कुछ कार्यकर्ता गांव पहुंचने लगे। अधिकारियों ने भीम आर्मी नेताओं को समझाकर मौके से हटने के लिए कहा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर हो रही है, इसलिए किसी भी प्रकार के राजनीतिक या संगठनात्मक हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जाएगी।

यहां देखें वीडियो

सरकारी कागजात में 'बंजर' के रुप में दर्ज है जमीन

एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने बताया कि जिस भूमि पर मस्जिद बनी थी, वह राजस्व अभिलेखों में 'बंजर' (श्रेणी 5) और सरकारी भूमि के रूप में दर्ज थी। गाटा संख्या 1474 वाली इस जमीन पर अवैध निर्माण किया गया था। इस मामले में कानूनी लड़ाई साल 2008 से चल रही थी। तहसीलदार कोर्ट ने पहले ही बेदखली के आदेश जारी कर दिए थे। पक्षकार इस मामले को लेकर सिविल कोर्ट भी गए थे, लेकिन वहां से भी उनका मुकदमा खारिज हो गया। अदालत से राहत न मिलने के बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। 

कोर्ट में चली लंबी लंबाई

उन्होंने बताया कि बेदखली की प्रक्रिया में जुर्माने का भी प्रावधान होता है, जिसे पक्षकारों ने पहले ही जमा कर दिया था। सिविल कोर्ट में मामला लंबित होने के कारण कार्रवाई रुकी हुई थी, जो अब आदेश आने के बाद पूरी की गई।

रिपोर्ट- विकास साहनी, बरेली

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