यूपी की रायबरेली पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दिल्ली-NCR से लग्जरी वाहन चुराकर उनकी बिक्री करने वाले 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की 6 कारें भी बरामद की हैं। पकड़े गए आरोपी अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के सदस्य हैं, जो यूपी-बिहार और उत्तराखंड के रहने वाले हैं। यह कार्रवाई 15 मार्च की रात को की गई।
यह गिरफ्तारी 16 फरवरी 2026 को थाना बछरावां क्षेत्र से एक काले रंग की स्कॉर्पियो चोरी होने के मामले से जुड़ी है, जिसकी जांच पुलिस कर रही थी। थाना बछरावां पुलिस टीम द्वारा सीसीटीवी फुटेज और यक्ष ऐप के माध्यम से आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा था। पुलिस विभाग को यक्ष एप के जरिए आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली। एप के माध्यम से सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई। फुटेज के आधार पर पुलिस मऊ जिले में पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से सर्विलांस के जरिए एक-एक कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

SP रवि कुमार ने बताया कि बीते 16 फरवरी 2026 को बछरावां क्षेत्र से एक स्कार्पियो चोरी हुई थी। चोरी की FIR दर्ज करके पुलिस वाहन चुराने वाले आरोपियों की तलाश कर रही थी। इस मामले में पुलिस ने बुलंदशहर जिले के अनिल उर्फ अनीश, रिंकू उर्फ राहुल उर्फ हेडन, एटा जिले के जितेंद्र गुप्ता उर्फ जीतू, मऊ जिले के प्रदीप सिंह उर्फ पिंटू, संतकबीर नगर जिले के अरविंद, बिहार प्रांत के जमुई जिले के राकेश कुमार उर्फ छोटू, सतपुड़ा जिले के नौशाद उर्फ फईम उर्फ राजू, उत्तराखंड प्रांत के हरिद्वार जिले के रहने वाले राजू सिंह उर्फ योगेश को गिरफ्तार किया है।

पकड़े गए आरोपियों के पास से बछरावां में चोरी हुई स्कॉर्पियो के अलावा अन्य 5 चोरी की गाड़ियां बरामद की गई हैं। एसपी ने बताया कि ये सभी आरोपी अंतरराज्यीय वाहन चोर गैंग के सदस्य हैं और काफी समय से इस कार्य में लिप्त हैं। खासकर यह लोग दिल्ली एनसीआर में सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों के ताले तोड़कर अंदर घुस जाते थे। वे इग्निशन और विंडो लॉक तोड़ देते थे। इसके बाद पहले से खरीदे गए इंजन कंट्रोल मॉड्यूल ईसीएम को गाड़ी में फिट कर देते थे और सेंसर डिवाइस हटा देते थे।
ये आरोपी चोरी की गई गाड़ियों को पश्चिम बंगाल और बिहार में बेच देते थे। इनके पासे से वारदात में काम आने वाले कई उपकरण बरामद किए गए हैं। बरामदगी में स्कॉर्पियों समेत 6 चोरी की गाड़ियों के अलावा, एक काले बैग में रखे चार इग्निशन लॉक, चार ईसीएम, दो कनेक्टर केबल, दो ऑटो डायग्नोस्टिक स्कैन टूल, 14 कार की चाबियां, चार टी टूल, चार पेचकस, दो प्लास, एक टॉर्च, एक गाड़ी DL12CN2934 (घटना में प्रयुक्त), तीन रिंच, एक रेती, तीन ब्लेड, एक छेनी, एक प्लास्टिक के डिब्बे में छोटा टूल, चार लॉक किट, एक चिमटी और एक पारदर्शी टेप बंडल भी शामिल हैं।
आरोपियों के खिलाफ विभिन्न जनपदों में कई केस दर्ज हैं। एसपी ने बताया कि सभी आरोपियों को जेल भेजा गया है, इनके विरुद्ध संगठित अपराध की धारा के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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