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बैंक की लापरवाही से छूट गई थी छात्र की परीक्षा, अब SBI को ब्याज के साथ देने पड़ेंगे 7 लाख रुपये

Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav Published : Oct 11, 2025 01:52 pm IST, Updated : Oct 11, 2025 02:02 pm IST

कानपुर उपभोक्ता फोरम ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को 7 लाख क्षतिपूर्ति मय 7% ब्याज के देने का सख्त जजमेंट दिया है। बैंक की लापरवाही से एक छात्र प्रतियोगी परीक्षा नहीं दे सका था।

कानपुर कोर्ट - India TV Hindi
Image Source : REPORTER कानपुर कोर्ट

कानपुरः राष्ट्रीय बैंक की लापरवाही से एक परीक्षार्थी की परीक्षा छूट गई जिससे उसके जीवन में बड़ा बदलाव आ सकता था क्योंकि संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए परीक्षार्थी आश्वस्त था। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के कर्मचारियों की लापरवाही के चलते परीक्षार्थी की ऑनलाइन फीस समय से जमा नहीं हो पाई जिससे वो परीक्षा देने से वंचित रह गया। 

बैंकिंग लोकपाल ने नहीं की कार्रवाई

परीक्षार्थी ने रिजर्व बैंक और इंडिया के बैंकिंग लोकपाल से भी शिकायत की लेकिन बैंकिंग लोकपाल ने सख्त कदम नहीं उठाते हुए बैंक स्टाफ पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद परीक्षार्थी ने उपभोक्ता फोरम का सहारा लेते हुए कानपुर न्यायालय उपभोक्ता फोरम में बाद दाखिल किया। उपभोक्ता फोरम ने राष्ट्रीय बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की गलती से परीक्षा छूटने पर परीक्षार्थी को 7 लाख का क्षतिपूर्ति भुगतान मय ब्याज के देने का सख्त निर्देश दिया है। ये ब्याज न्यायालय में दाखिल वाद की तारीख से और भुगतान की तारीख तक 7% की दर से देना होगा साथ ही वाद दाखिल व्यय का 10 हजार रु अलग से देने के निर्देश दिए है।

लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा नहीं दे पाए थे अवनीश वर्मा 

कानपुर के देहली सुजानपुर निवासी अधिवक्ता अवनीश वर्मा ने लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा पास कर ली थी। इसके बाद 2015 एपीओ की मुख्य परीक्षा देने के लिए 7 सितंबर 2015 को 255 रु भारतीय स्टेट बैंक की कृष्णा नगर शाखा में जमा किया था। बैंक ने पैसा जमा की रसीद भी जारी की लेकिन लोक सेवा आयोग के खाते में पैसा नहीं जमा किय। आयोग की वेबसाइट पर बैंक डिटेल को ऑनलाइन अपडेट का प्रयास किया गया लेकिन सफलता नहीं मिली। समय से पैसा नहीं जमा होने पर परीक्षार्थी मुख्य परीक्षा देने से वंचित रह गया। 

उपभोक्ता फोरम से मिला न्याय

इसके बाद परीक्षार्थी अवनीश ने आरबीआई के बैंकिंग लोकपाल से बैंक की गलती की शिकायत की तो लोकपाल ने 10 हजार रूपए क्षतिपूर्ति देने के आदेश किए थे लेकिन बैंक ने केवल लिखित माफीनामा भेज दिया और क्षतिपूर्ति नहीं दी। इस पर परीक्षार्थी अवनीश ने अक्टूबर 2018 को भारतीय स्टेट बैंक मुंबई के चेयरपर्सन, कानपुर मॉल रोड स्थित प्रशासनिक शाखा के नोडल अधिकारी और कृष्णा नगर शाखा के मैनेजर के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में वाद दाखिल किया। जिसपर उपभोक्ता फोरम ने 3/10/2025 को फाइनल जजमेंट वादी अवनीश वर्मा के पक्ष में देते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया क्षतिपूर्ति भुगतान का सख्त आदेश दिया।

रिपोर्ट- ज्ञानेंद्र शुक्ला, कानपुर

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