Railway Interesting Facts: भारतीय रेलवे तकनीक के क्षेत्र में दिन—प्रतिदिन उन्नत दिशा में काम कर रहा है। यही वजह है कि, भारतीय रेलवे को विश्व के बड़े रेल नेटवर्कों में गिना जाने लगा है। हालांकि, रेलवे को पैसेंजर हित में उनके आराम और सुरक्षा के लिए भी काम करने के लिए जाना जाता है। एक दिन में करोड़ों लोगों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाना अपने आप में एक बड़ा टास्क और जिम्मेदारी है जिसे हमारी भारतीय रेलवे बखूबी निभाती है। हालांकि, सहूलियत की बात करें तो रेलवे यात्रियों को सहूलियत देने के लिए कुछ शॉर्ट फॉर्म बनाती है जिसके बारे में सभी को पता होना चाहिए। वैसे तो रेलवे ने लगभग हर एक खास चीज के लिए कोई न कोई कोड बना रखा है लेकिन आज हम बात करेंगे PNR के बारे में, क्या आपको पता है कि PNR का क्या फुल फॉर्म होता है ? अगर आपको नहीं पता है तो आज हम आपको बता देते हैं।
रेलवे ने कई तरह के अलग-अलग कोड बना रखे हैं, आइए जानते हैं वो क्या हैं और ये कोड क्या बताते हैं :

सबसे पहले तो बता दें कि, PNR का फुल फॉर्म पैसेंजर नेम रिकॉर्ड (Passenger Name Record) है। यह आपकी बुकिंग का एक डिजिटल रिकॉर्ड है, जो एक 10 अंकों के कोड के रूप में होता है। हर आरक्षित टिकट के लिए भारतीय रेलवे द्वारा दिया जाता है। इसमें आपकी यात्रा की पूरी जानकारी (नाम, उम्र, ट्रेन नंबर, कोच/सीट नंबर, यात्रा की तारीख) रिकॉर्ड होती है, जो आपको टिकट की स्थिति (कन्फर्म, वेटिंग लिस्ट) जानने और यात्रा को ट्रैक करने में मदद करता है और इसके शुरुआती तीन अंक रेलवे जोन बताते हैं। जबकि बाकी सात रैंडम होते हैं, जिससे आपकी पूरी यात्रा की डिजिटल डायरी बनती है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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