कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार को पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के साथ मतभेद की खबरों को खारिज किया और उनके प्रति अपनी निष्ठा दोहराई। यहां पार्टी के एक सम्मेलन में उन्होंने कहा, ‘‘मैं तृणमूल कांग्रेस का एक निष्ठावान सिपाही हूं और मेरी नेता ममता बनर्जी हैं।’’
झूठी अफवाहें फैला रहे लोग
बीजेपी में शामिल होने की अटकलों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग कह रहे हैं कि मैं भाजपा में शामिल हो रहा हूं, वे झूठी अफवाहें फैला रहे हैं। अगर मेरा सिर भी कलम कर दिया जाए तब भी मैं ‘ममता बनर्जी जिंदाबाद’ ही कहूंगा। इन दिनों जो भी खबरें आ रही हैं वो सरासर झूठ है। मैं जानता हूं कि अगले साल विधानसभा चुनाव से पहले अपने निहित स्वार्थ के कारण कुछ लोग इस तरह की झूठी खबर फैला रहे हैं।’’ पार्टी सदस्यों से आंतरिक संघर्षों के बजाय जनसेवा पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह करते हुए बनर्जी ने कहा, ‘‘अपने मतभेदों को भूलकर लोगों के लिए काम करने पर ध्यान केंद्रित करें। साजिशों में शामिल होने का कोई मतलब नहीं है।
गद्दारों को बेनकाब करते रहेंगे
व्हाट्सऐप ग्रुप की राजनीति में लिप्त लोगों को पता होना चाहिए कि इस तरह के प्रयास व्यर्थ होंगे। साजिश करने वालों पर इसका असर खुद पड़ेगा।’’ उन्होंने कहा कि वह पार्टी के भीतर गद्दारों को बेनकाब करते रहेंगे, जैसा कि उन्होंने पिछले चुनावों के दौरान किया था। उन्होंने कहा, ‘‘इससे पहले मैंने मुकुल रॉय और शुभेंदु अधिकारी जैसे पार्टी को धोखा देने वालों की पहचान की थी। मैंने उन्हें बेनकाब करने की जिम्मेदारी ली। आने वाले दिनों में मैं ऐसे लोगों की पहचान करता रहूंगा।’’
अनुशासनहीनता के खिलाफ दी चेतावनी
ममता बनर्जी ने पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता के खिलाफ भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, ‘‘कई नेता पार्टी के अनुशासन का पालन किए बिना मीडिया में प्रासंगिक बने रहने के लिए बयान देते हैं। पार्टी के नियमों की अवहेलना न करें। ऐसा करने वालों की पहचान पहले ही हो चुकी है।’ (भाषा)