पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में मेडिकल छात्रा से बलात्कार के मामले में पुलिस ने चौथे और पांचवें व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, चौथे आरोपी का शेख नसीरुद्दीन है। इस व्यक्ति को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। पांचवें व्यक्ति की पहचान शेख शफीकुल के रूप में हुई है। इस बीच पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने दुर्गापुर का दौरा करने का फैसला किया है। वह दोपहर 3:15 बजे वंदे भारत से दुर्गापुर जाएंगे। वह पीड़िता से बात कर सकते हैं।
इस घटना को लेकर जमकर सियासत हो रही है। रविवार को भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने अलग-अलग स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और भाजपा ने कथित घटना के बाद पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाया और दावा किया कि राज्य महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है।
ओडिशा की रहने वाली दुर्गापुर स्थित एक निजी मेडिकल कॉलेज की छात्रा के साथ शुक्रवार रात कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया। वारदात तब हुई जब वह अपने एक मित्र के साथ रात्रि भोज के लिए बाहर गई थी। लड़की का दोस्त ही घटना के बाद उसे अस्पताल वापस लाया। पीड़िता अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज जारी है। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक डॉक्टर के बलात्कार-हत्या के बाद 2024 में गठित फोरम ‘अभया मंच’ और वरिष्ठ डॉक्टर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने भी पीड़िता के परिवार के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए दुर्गापुर का दौरा किया।
सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि इस घटना में शामिल किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं, विशेषकर राज्य के बाहर की छात्राओं से आग्रह किया कि वे छात्रावास के नियमों का पालन करें और देर रात बाहर न निकलें। इस पर माकपा के पूर्व लोकसभा सदस्य चक्रवर्ती ने कहा, “महिला छात्राओं को रात में बाहर न निकलने के लिए कहकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि ‘कोलकाता सबसे सुरक्षित शहर, या दुर्गापुर, एक सुरक्षित शहर, एक दुष्प्रचार अभियान था।” उन्होंने दावा किया, “उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य अब महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है।”
टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा, "बंगाल में ऐसे मामले दुर्लभ हैं। बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा किसी भी अन्य जगह से बेहतर है, लेकिन महिलाओं को इतनी देर रात अपने कॉलेज नहीं छोड़ने चाहिए, क्योंकि पुलिस हर जगह गश्त नहीं कर सकती। पुलिस हर सड़क पर मौजूद नहीं हो सकती। घटना होने के बाद पुलिस कार्रवाई कर सकती है। इसलिए महिलाओं को भी सतर्क रहना चाहिए।"
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