रविवार को नंदीग्राम सहकारी कृषि विकास समिति के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सभी नौ सीटें जीत लीं। वहीं, सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को एक भी सीट नहीं मिली। नंदीग्राम सहकारी चुनावों में पार्टी की जीत के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। यह पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी का विधानसभा क्षेत्र है, जहां से उन्होंने 2021 के विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की थी।
पश्चिम बंगाल राज्य चुनावों से पहले, भाजपा के लिए यह एक महत्वपूर्ण जीत है। इससे पहले, भाजपा विधायक शंकर घोष ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उस टिप्पणी की कड़ी आलोचना की थी, जिसमें उन्होंने भाजपा को "हिला देने" की बात कही थी, और दावा किया था कि सुवेंदु अधिकारी ने 2021 के विधानसभा चुनावों के दौरान नंदीग्राम में उन्हें पहले ही "हिला" दिया था।
शंकर घोष ने साधा निशाना
मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए घोष ने कहा कि सुवेंदु अधिकारी से हारने के बाद ममता बनर्जी एक "विभागीय" मुख्यमंत्री के रूप में विधानसभा में प्रवेश कर चुकी हैं।"किसी भी तरह की अराजकता से बचने के लिए उन्हें समझदारी से बोलना चाहिए था। हमारे एकमात्र विपक्ष नेता ने उन्हें हिलाकर रख दिया था। वे खुद नंदीग्राम विधानसभा चुनाव हार गईं और फिर एक खंडीय मुख्यमंत्री के रूप में विधानसभा में आईं।
पश्चिम बंगाल में चुनावी राजनीति शुरू
शंकर घोष ने पत्रकारों से कहा, "यह पश्चिम बंगाल के लिए शर्म की बात है। वे लगातार फिल्मी बयान देती रहती हैं। लोगों को यह समझना चाहिए कि इससे हमारे राज्य को आगे बढ़ने में मदद नहीं मिलेगी।" पश्चिम बंगाल में 2026 के पहले छह महीनों में चुनाव होने जा रहे हैं, जिनमें तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच प्राथमिक मुकाबला होगा। इसके लिए दोनों दलों से अभी से तैयारी शुरू कर दी है और वोटो का ध्रुवीकरण करने के लिए मंदिर-मस्जिद की राजनीति भी शुरू हो चुकी है। इसमें पूर्व टीएमसी नेता हुमायूं कबीर एक बड़ा चेहरा हैं।
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