1. Hindi News
  2. पश्चिम बंगाल
  3. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को ममता बनर्जी का पत्र, लिखा- 'लोग परेशान हो रहे, वोट डिलीट करने के लिए IT सिस्टम का दुरुपयोग हो रहा'

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को ममता बनर्जी का पत्र, लिखा- 'लोग परेशान हो रहे, वोट डिलीट करने के लिए IT सिस्टम का दुरुपयोग हो रहा'

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Jan 04, 2026 09:55 pm IST,  Updated : Jan 04, 2026 09:55 pm IST

ममता बनर्जी ने अपने पत्र में लिखा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के नाम पर लोगों को परेशान किया जा रहा है। वोटर्स के नाम हटाने के लिए आईटी सिस्टम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।

Mamata banerjee- India TV Hindi
ममता बनर्जी Image Source : ANI

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर एसआईआर से जुड़ी परेशानियां उनके सामने रखी हैं। उन्होंने 3 जनवरी को लिखे अपने पत्र में आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के अधिकारियों ने आईटी सिस्टम का दुरुपयोग किया और दावा किया कि मतदाताओं के नाम उचित प्राधिकरण के बिना बैकएंड से हटा दिए गए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे कार्यों को किसने और किस कानूनी अधिकार के तहत मंजूरी दी, इस बात पर जोर देते हुए कि ईसीआई को उसकी देखरेख में की गई किसी भी अवैध, मनमानी या पक्षपातपूर्ण गतिविधियों के लिए पूरी तरह से जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

पत्र में कहा गया है, "आईटी सिस्टम के दुरुपयोग के माध्यम से मतदाताओं के नाम गुप्त रूप से हटाने के गंभीर आरोप भी हैं, जिसमें उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और न ही लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत सक्षम वैधानिक प्राधिकारी, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) की जानकारी या अनुमोदन के बिना ऐसा किया गया। इससे यह गंभीर प्रश्न उठता है कि ऐसे कार्यों को किसने और किस कानूनी अधिकार के तहत अधिकृत किया है। ईसीआई को उसके पर्यवेक्षण या निर्देश के तहत किए गए किसी भी अवैध, मनमाने या पक्षपातपूर्ण कार्यों के लिए पूरी तरह से जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।"

परिवार रजिस्टर को लेकर चिंता जताई

ममता ने परिवार रजिस्टर को लेकर भी चिंता जताई, जिसे बिहार में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान एक वैध पहचान दस्तावेज के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया गया था। उनके अनुसार, अब मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से अनौपचारिक व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से इसे बिना किसी औपचारिक अधिसूचना या वैधानिक आदेश के अस्वीकार किया जा रहा है। उन्होंने इस चयनात्मक और अस्पष्ट बहिष्कार को "भेदभाव और मनमानी की गंभीर चिंताओं" का कारण बताया।

हर राज्य अलग-अलग नियम अपना रहे- ममता

मुख्यमंत्री बनर्जी ने एसआईआर के उद्देश्यों, प्रक्रियाओं और समयसीमाओं के संबंध में स्पष्टता की कमी के लिए ईसीआई की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को समयबद्ध बताया गया है, लेकिन इसके लिए कोई एकसमान या पारदर्शी दिशानिर्देश नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य अलग-अलग मापदंड अपना रहे हैं और मनमाने ढंग से समयसीमा बदल रहे हैं, जो अपर्याप्त तैयारी और प्रक्रियात्मक समझ की कमी को दर्शाता है। उन्होंने संवैधानिक महत्व के मामलों के लिए आवश्यक आधिकारिक लिखित सूचनाओं, परिपत्रों या वैधानिक आदेशों के बजाय व्हाट्सएप या टेक्स्ट संदेशों जैसे अनौपचारिक माध्यमों से महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए जाने पर भी चिंता व्यक्त की।

यह भी पढ़ें-

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले TMC को बड़ा झटका, सांसद मौसम नूर कांग्रेस में शामिल

पश्चिम बंगाल में प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाला, मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा की 3.65 करोड़ की संपत्ति ईडी ने जब्त की, अब तक 7 गिरफ्तार

 

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। पश्चिम बंगाल से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।