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ट्रंप के NATO को लिखे लेटर का चीन ने दिया जवाब, कहा- 'हम न जंग की साजिश रचते और न इसमें शामिल होते हैं'

 Edited By: Amar Deep
 Published : Sep 14, 2025 11:05 am IST,  Updated : Sep 14, 2025 11:05 am IST

चीन ने ट्रंप द्वारा नाटो के सदस्य देशों को चिट्ठी लिखे जाने के बाद इसका जवाब दिया है। चीनी विदेश मंत्री ने स्लोवेनिया दौरे पर कहा कि बीजिंग न तो युद्धों की साजिश रचता है और न ही उनमें हिस्सा लेता है।

चीन ने ट्रंप के लेटर पर दी प्रतिक्रिया।- India TV Hindi
चीन ने ट्रंप के लेटर पर दी प्रतिक्रिया। Image Source : AP/FILE

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में नाटो सदस्य देशों को एक चिट्ठी लिखी। इस चिट्ठी में उन्होंने नाटो के सदस्य देशों से अपील की कि सभी सदस्य देश चीन पर 50-100% तक टैरिफ लगाएं। इसके साथ ही ट्रंप ने नाटो देशों से आग्रह किया है कि वे रूस से तेल खरीदना बंद करें, ताकि यूक्रेन में चल रहा युद्ध खत्म हो सके। इसके साथ ही रूस की आर्थिक स्थिति को कमजोर किया जा सके। हालांकि चीन ने भी स्लोवेनिया में इसका जवाब दिया है। 

चीन ने दिया कड़ा संदेश

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने शनिवार को स्लोवेनिया से वाशिंगटन को कड़ा संदेश दिया। स्लोवेनिया की राजकीय यात्रा के दौरान चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि बीजिंग न तो युद्धों की साजिश रचता है और न ही उनमें हिस्सा लेता है। उन्होंने आगे कहा कि युद्ध समस्याओं का हल नहीं है और आर्थिक प्रतिबंध केवल जटिलताएं बढ़ाते हैं।

सभी देश एक समान हैं

इसके अलावा वांग यी ने कहा कि चीन स्लोवेनिया के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाले पहले देशों में से एक था। चीन की कूटनीति की एक सतत परंपरा यह है कि सभी देश, चाहे बड़े हों या छोटे, समान हैं। 30 से अधिक वर्षों से, चाहे अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियां कितनी भी बदल गई हों, चीन ने अपनी विदेश नीति की निरंतरता और स्थिरता बनाए रखी है। वांग ने कहा कि चीन ने हमेशा स्लोवेनिया को समान माना है। मित्रता, सहयोग और पारस्परिक लाभ को बढ़ावा दिया है, जो इस बात का उदाहरण है कि विभिन्न आकार और सामाजिक व्यवस्था वाले देश कैसे सद्भाव में सह-अस्तित्व में रह सकते हैं।

चीन और यूरोप को होना चाहिए मित्र

उन्होंने कहा कि वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय परिस्थिति में अराजकता और निरंतर संघर्षों का बोलबाला है। चीन और यूरोप को प्रतिद्वंदी होने के बजाय मित्र होना चाहिए, और एक-दूसरे का सामना करने के बजाय सहयोग करना चाहिए। सदी के सबसे बड़े बदलावों के बीच सही चुनाव करना, इतिहास और जनता के प्रति दोनों पक्षों की जिम्मेदारियों को दर्शाता है।

ट्रंप ने नाटो को लिखी चिट्ठी

बता दें कि ट्रंप ने शनिवार को नाटो देशों को एक चिट्ठी लिखी जो उनके ट्रुथ सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई। इसमें उन्होंने लिखा, "मैं रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार हूं, जब सभी नाटो देश इस पर सहमत हो जाएं वह खुद भी ऐसा करना शुरू करें और सभी नाटो देश रूस से तेल खरीदना बंद करें।" उन्होंने आगे लिखा, "चीन पर 50% से 100% तक का टैरिफ लगाना, जिसे रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म होने के बाद हटा लिया जाएगा। यह कदम इस जानलेवा, लेकिन मूर्खतापूर्ण युद्ध को खत्म करने में बहुत मददगार होगा।"

रूस से तेल खरीदारों में प्रमुख देश

ट्रंप ने कहा कि नाटो का सदस्य देश तुर्की रूस से तेल खरीदने वाले देशों में चीन और भारत के बाद तीसरे स्थान पर है। अन्य नाटो सदस्य जैसे हंगरी और स्लोवाकिया भी रूसी तेल खरीद में शामिल हैं। ट्रंप ने पहले भी मास्को पर प्रतिबंध और रूस से तेल खरीदने वाले देशों, जैसे चीन और भारत पर द्वितीयक प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी थी। इसके बाद भारत पर 50 फीसदी और चीन पर 30 फीसदी का टैरिफ लगाया। 

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