इस्लामाबाद: पाकिस्तान में सियासी हलचल मची हुई है। इस बीच पाक पीएम इमरान खान के एक बयान पर पाकिस्तानी सेना ने जो पलटवार किया है, उससे इमरान की काफी फजीहत हुई है। दरअसल इमरान ने दावा किया था कि उनकी सरकार गिराने के लिए अमेरिका साजिश रच रहा है। इमरान के इसी बयान पर पाकिस्तानी सेना ने देश की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सामने ये साफ किया है कि सरकार गिराने में अमेरिका के शामिल होने या धमकी देने के कोई सबूत नहीं हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सेना ने कहा कि उसे अमेरिकी हस्तक्षेप के कोई सबूत नहीं मिले हैं। मजे की बात तो ये है कि जिस बैठक में सेना ने ये बात कही, उसकी अध्यक्षता खुद इमरान खान कर रहे थे। इस मामले में इमरान का मानना था कि अमेरिका चाहता है कि पाकिस्तान की सत्ता में बदलाव हो।
हालांकि सोमवार को इमरान खान ये भी कहते सुने गए कि वह अमेरिका विरोधी नहीं हैं और अमेरिका के साथ मजबूत संबंध चाहते हैं। इमरान के इस बयान को इस बात से जोड़कर देखा जा रहा है कि अगर अमेरिका ने पाकिस्तान की मदद बंद कर दी तो पाकिस्तान की आर्थिक हालत बहुत बिगड़ जाएगी, इसलिए इमरान खान अमेरिका के सामने बैकफुट पर नजर आ रहे हैं।
इमरान ने कहा कि अमेरिका के लिए उनके मन में कोई दुर्भावना नहीं है। हम कुछ नीतियों के तो खिलाफ हो सकते हैं, लेकिन हम चाहते हैं कि ये दोस्ती बनी रहे।
संपादक की पसंद