1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अन्य देश
  4. ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम ने पीएम मोदी पर जताया बड़ा भरोसा, इजरायल-हमास युद्ध रोकवाने के लिए की ये अपील

ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम ने पीएम मोदी पर जताया बड़ा भरोसा, इजरायल-हमास युद्ध रोकवाने के लिए की ये अपील

 Published : Nov 08, 2023 08:20 am IST,  Updated : Nov 08, 2023 08:59 am IST

इब्राहिम रईसी और पीएम मोदी 7 अक्टूबर को हमास द्वारा इज़रायल पर हमला शुरू करने के बाद क्षेत्र में "सुरक्षा और मानवीय स्थिति के शीघ्र समाधान की आवश्यकता" पर सहमत हुए। इससे पहले, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इजरायल-हमास युद्ध पर चर्चा के लिए अपने ईरानी समकक्ष अमीरबदोल्लाहियन से बात की।

ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी और पीएम मोदी। - India TV Hindi
ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी और पीएम मोदी। Image Source : AP

इजरायल-हमास युद्ध के बीच ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने भरोसा पर बड़ा भरोसा जतायाहै। उन्होंने पीएम मोदी से की फोन पर बात की है। राष्ट्रपति इब्राहिम ने भारत से इजरायल-हमास युद्ध रोकने में अपनी क्षमता का इस्तेमाल करने की अपील की है। ईरान को भरोसा है कि भारत चाहे तो यह युद्ध रोकवा सकता है। उन्हें प्रधानमंत्री मोदी और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की दोस्ती पर पूरा यकीन है। बता दें कि बीते 7 अक्टूबर को दक्षिणी इज़रायल में आतंकवादी समूह द्वारा तबाही मचाने के बाद पीएम नेतन्याहू ने हमास पर युद्ध की घोषणा की थी। इसके बाद से पीएम मोदी ने विश्व के कई नेताओं के साथ नियमित रूप से टेलीफोन पर बातचीत की है।

ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के दौरान भारत से गाजा में चल रहे संघर्ष के बीच इजरायली कार्रवाई को समाप्त करने के लिए "अपनी सभी क्षमताओं" का उपयोग करने का आग्रह किया।  ईरानी रीडआउट के अनुसार दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत के दौरान रईसी ने पश्चिमी उपनिवेशवाद के खिलाफ भारत के संघर्ष और दुनिया में गुटनिरपेक्ष आंदोलन के संस्थापकों में से एक के रूप में देश की स्थिति को याद किया। बयान में कहा गया है, "आज, भारत से अपेक्षा की जाती है कि वह गाजा के उत्पीड़ित लोगों के खिलाफ ज़ायोनी अपराधों को समाप्त करने के लिए अपनी सभी क्षमताओं का उपयोग करेगा।"

ईरानी राष्ट्रपति ने कही ये बात

ईरानी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि तेहरान गाजा में तत्काल युद्धविराम, नाकाबंदी हटाने और उत्पीड़ित लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए किसी भी वैश्विक संयुक्त प्रयास का समर्थन करता है। उन्होंने कहा, "फिलिस्तीनी लोगों की हत्या जारी रहने से दुनिया के सभी स्वतंत्र राष्ट्र क्रोधित हो गए हैं और इस हत्या के अतिरिक्त-क्षेत्रीय परिणाम होंगे।" उन्होंने आगे कहा कि उत्पीड़ित व निर्दोष महिलाओं और बच्चों की हत्या, अस्पतालों, स्कूलों, मस्जिदों, चर्चों और आवासीय क्षेत्रों पर हमले किसी भी इंसान के दृष्टिकोण से "निंदनीय और अस्वीकार्य" हैं। ईरानी रीडआउट में रायसी के हवाले से कहा गया है, "फिलिस्तीनी प्रतिरोध समूहों को ज़ायोनी शासन के कब्जे का विरोध करने का वैध अधिकार है और सभी देशों को उत्पीड़न से मुक्ति के लिए फिलिस्तीनी लोगों के संघर्ष का समर्थन करना चाहिए।

भारत के चाहबहार प्रोजेक्ट को लेकर कही ये बात

इब्राहिम रईसी ने कहा, "ऐसा कैसे हुआ कि नाजी जर्मनी के खिलाफ यूरोपीय देशों का संघर्ष एक सराहनीय और वीरतापूर्ण कार्य है, लेकिन बच्चों की हत्या और आपराधिक ज़ायोनी शासन के खिलाफ फिलिस्तीनी लोगों के प्रतिरोध की निंदा की जाती है?" इस बीच, इस बातचीत के एक अन्य हिस्से में रईसी ने भारत के साथ संबंधों के बारे में तेहरान के दृष्टिकोण को 'रणनीतिक' बताया और इस क्षेत्र में सहयोग के विकास और देरी की भरपाई के लिए योजना बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उत्तर-दक्षिण गलियारे के महत्व और क्षेत्र के सभी देशों के लिए इसके लाभों पर जोर देते हुए, राष्ट्रपति रईसी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत से चाबहार बंदरगाह सहित स्थायी आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए "गंभीर निवेश" करने की उम्मीद है।

पीएम मोदी ने की शांति और स्थिरता की वकालत

ईरानी राष्ट्रपति से बातचीत के दौरान, प्रधान मंत्री मोदी ने दोनों पक्षों के बीच तनाव को रोकने, मानवीय सहायता के निरंतर प्रावधान सुनिश्चित करने और क्षेत्र में शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने चाबहार बंदरगाह सहित द्विपक्षीय सहयोग में भारत और ईरान की प्रगति का भी स्वागत किया। जब से 7 अक्टूबर को दक्षिणी इज़रायल में आतंकवादी समूह हमास ने इजरायल में तबाही मचाने की इरादे से हमला किया, तब से पीएम मोदी ने विश्व नेताओं के साथ नियमित रूप से टेलीफोन पर बातचीत की है। इससे पहले, शुक्रवार को पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद से बात की और इजरायल-हमास युद्ध के बीच बढ़ती स्थिति और नागरिक जीवन के नुकसान पर अपनी चिंताओं को साझा किया।

यह भी पढ़ें

गाजा के अंदरूनी इलाकों में पहुंची इजरायली सेना, हमास मुख्यालय पर जल्द हो सकता है IDF का कब्जा; नेतन्याहू का नया ऐलान

Afghanistan Blast: काबुल में मिनी बस में भयंकर विस्फोट, सात लोगों की दर्दनाक मौत

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Around the world से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश