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  5. ‘गाजीपुर’ की जेल में फांसी पर लटकाया गया आतंकी असद, उदीची विस्फोट का था दोषी

बांग्लादेश में उदीची विस्फोट के दोषी जमातुल मुजाहिदीन के आतंकी को दी गई फांसी

असद को गाजीपुर के कार्यकारी मजिस्ट्रेट, सिविल सर्जन कार्यालय और मेट्रोपॉलिटन पुलिस के प्रतिनिधियों के साथ-साथ उसके परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में फांसी लगाई गई।

IANS IANS
Published on: July 16, 2021 19:39 IST
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Image Source : AP REPRESENTATIONAL आतंकवादी असदुज्जमां पनिर उर्फ असद को 2005 में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में हुए बम हमले में शामिल होने के आरोप में फांसी दे दी गई है।

ढाका: प्रतिबंधित जमातुल मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) के आतंकवादी असदुज्जमां पनिर उर्फ असद को 2005 में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में हुए बम हमले में शामिल होने के आरोप में फांसी दे दी गई है। उस हमले में 8 लोग मारे गए थे और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। वरिष्ठ जेल अधीक्षक मोहम्मद जियास उद्दीन ने बताया कि 37 वर्षीय असद को ढाका के बाहरी इलाके गाजीपुर में गुरुवार को रात 11 बजे काशिमपुर हाई सिक्योरिटी सेंट्रल जेल में फांसी दे दी गई। कानूनी प्रक्रिया के बाद उसका शव उसके परिवार के सदस्यों को सौंप दिया गया। असद 8 दिसंबर, 2005 को नेट्रोकोना में आधी सदी पुराने प्रगतिशील सांस्कृतिक संगठन, उदीची शिल्पी गोष्ठी के एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में बम हमले में सीधे तौर पर शामिल था।

परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में हुई फांसी

असदुज्जमां पनिर उर्फ असद को गाजीपुर के कार्यकारी मजिस्ट्रेट, सिविल सर्जन कार्यालय और मेट्रोपॉलिटन पुलिस के प्रतिनिधियों के साथ-साथ उसके परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में फांसी दी गई। असद को जल्लाद शाहजहां ने फांसी दी और सिविल सर्जन के कार्यालय के डॉक्टर आसिफ रहमान इवान ने फांसी के बाद उसकी मृत्यु की घोषणा की। अपनी सजा के बाद 2008 से जेल में बंद असद को 23 जून को राष्ट्रपति द्वारा दया मांगने की प्रार्थना को खारिज करने के 23 दिन बाद फांसी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि फैसले को चुनौती देने वाली एक अन्य याचिका को सुप्रीम कोर्ट के अपीलीय विभाग ने खारिज कर दिया था।

अन्य वारदात में भी शामिल था असद
ढाका की एक स्पीडी ट्रायल ट्रिब्यूनल कोर्ट ने 17 फरवरी, 2008 को हमले के लिए आरोपी असद, शीर्ष आतंकवादी सिद्दीकुर रहमान उर्फ बांग्ला भाई, सलाउद्दीन उर्फ सोहेल और यूनुस अली को मौत की सजा सुनाई थी। अदालत ने 2005 में नेत्रकोना थाने में दर्ज विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत एक अन्य मामले में असद को 20 साल की जेल और कोतवाली थाने में दर्ज दो अन्य मामलों में 10 और 20 साल जेल की सजा भी सुनाई थी। बांग्ला भाई और अताउर रहमान सानी नाम के एक अन्य आतंकवादी को एक अन्य विस्फोटक मामले में फांसी पर लटका दिया गया था।

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