1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. चंद्रयान के बाद अब 2023 में भारत ने शुरू की गगनयान की तैयारी, इतने मानवों के साथ करेगा अंतरिक्ष की सैर

चंद्रयान के बाद अब 2023 में भारत ने शुरू की गगनयान की तैयारी, इतने मानवों के साथ करेगा अंतरिक्ष की सैर

 Published : Feb 10, 2023 06:47 pm IST,  Updated : Feb 10, 2023 06:48 pm IST

अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है। चंद्रयान के बाद भारत ने अब 2023 में गगनयान समेत कई अंतरिक्ष अभियानों की तैयारी शुरू कर दी है। इसरो 3 मानवों के साथ अंतरिक्ष में गगनयान भेजने की योजना तैयार कर रहा है।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
प्रतीकात्मक फोटो Image Source : PTI

नई दिल्ली। अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है। चंद्रयान के बाद भारत ने अब 2023 में गगनयान समेत कई अंतरिक्ष अभियानों की तैयारी शुरू कर दी है। इसरो 3 मानवों के साथ अंतरिक्ष में गगनयान भेजने की योजना तैयार कर रहा है। भारतीय अंतरीक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा कि हम वर्ष 2023 में गगनयान की तैयारी समेत कई नये अभियान शुरू करेंगे। मानवयुक्त अंतरिक्ष अभियान ‘गगनयान’ की तैयारी जल्द पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि गगनयान परियोजना के तहत मानवयुक्त अंतरिक्षयान की क्षमता को दर्शाने के लिए तीन अंतरिक्ष यात्रियों को 3 दिनों के मिशन के तहत 400 किलोमीटर की कक्षा में भेजा जाएगा और फिर उन्हें सुरक्षित तरीके से हिंद महासागर में उतारा जाएगा। 

मार्च में एक साथ होगा 36 उपग्रहों का प्रक्षेपण

इसरो प्रमुख ने कहा कि शुक्रवार को एलवी डी 2 के सफल प्रक्षेपण ने इस साल इसरो के व्यस्त कार्यक्रम की लय कायम कर दी है और इस वर्ष के लिए कई धुव्रीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) और भू-स्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान (जीएसएलवी) से जुड़े अभियान निर्धारित किए गए। लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) डी2 के सफल प्रक्षेपण के बाद उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि फिलहाल हम जीएसएलवी एमके-तीन के अगले प्रक्षेपण की तैयारी कर रहे हैं और एलवीएम 3 एम3 मिशन के तहत मध्य मार्च तक वनवेब इंडिया-2 का प्रक्षेपण होगा जिसमें 36 उपग्रह होंगे। एसएलवी प्रक्षेपण के तुरंत बाद इसरो ने पीएसएलवी सी 55 मिशन के प्रक्षेपण अभियान की शुरुआत कर दी।

यह प्रक्षेपण न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) के लिए होगा जो एक वाणिज्यिक प्रक्षेपण है। अन्य योजनाओं के तहत ‘रीयूजेबल प्रक्षेपण यान‘ का ‘लैंडिंग प्रदर्शन’ भी शामिल है। सोमनाथ ने कहा, ‘‘फिलहाल टीम चित्रदुर्ग स्थित केंद्र पर है। हमें उम्मीद है कि कुछ दिनों में शुरुआती तैयारी हो जाएगी और हम लैंडिंग प्रदर्शन करने में समर्थ होंगे।’’ उन्होंने कहा कि निसार (नासा-इसरो सार अभियान) की शुरुआत इस साल के अंत में की जाएगी। 

यह भी पढ़ें...

तुर्की और सीरिया में यमदूतों से भिड़ी Indian Army, तुर्किश महिला ने चूम लिया भारत की इस बेटी का माथा

सीरिया में मलबे के नीचे दबी मां की मौत के बाद चमत्कारिक रूप से पैदा हुई थी बच्ची, अब मिला ये नाम और नया ठिकाना

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश