1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. ताइवान के उपराष्ट्रपति की अमेरिका यात्रा से भड़का चीन, सबक सिखाने के लिए ड्रैगन ने खाई ये बड़ी कसम

ताइवान के उपराष्ट्रपति की अमेरिका यात्रा से भड़का चीन, सबक सिखाने के लिए ड्रैगन ने खाई ये बड़ी कसम

 Published : Aug 13, 2023 05:34 pm IST,  Updated : Aug 13, 2023 05:34 pm IST

चीन ने कहा कि वह 'ताइवान की स्वतंत्रता' चाहने वाले अलगाववादियों के किसी भी नाम और किसी भी कारण से अमेरिका में प्रवेश करने का दृढ़ता से विरोध करता है। साथ ही अमेरिका के बीच किसी भी प्रकार के आधिकारिक संपर्क का दृढ़ता से विरोध करता है।

शी जिनपिंग, चीन के राष्ट्रपति (फाइल)- India TV Hindi
शी जिनपिंग, चीन के राष्ट्रपति (फाइल) Image Source : AP

ताइवान के उपराष्ट्रपति और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार विलियम लाई द्वारा पराग्वे के रास्ते में संयुक्त राज्य अमेरिका में पारगमन रोकने पर चीन ने "दृढ़ और सशक्त कदम" उठाने की चेतावनी दी है। चीन ने उपराष्ट्रपति की अमेरिका यात्रा पर 'जबरदस्त' प्रतिक्रिया देने की बात कही है। विलियम लाई की अमेरिका यात्रा पर चीन बुरी तरह भड़क गया है। ड्रैगन ने रविवार को विलियम लाई की अमेरिका की सप्ताहांत यात्रा पर "दृढ़ और सशक्त कदम" उठाने की कसम खाई है। चीन ने कहा कि वह उपराष्ट्रपति की यात्रा की बारीकी से निगरानी कर रहा है।

ताइवान में आगामी वर्ष होने वाले राष्ट्रपति चुनावों में सबसे आगे रहने वाले लाई आधिकारिक तौर पर पराग्वे के रास्ते में संयुक्त राज्य अमेरिका में केबल पारगमन स्टॉप बना रहे हैं, जहां वह निर्वाचित राष्ट्रपति सैंटियागो पेना के उद्घाटन में भाग लेंगे। चीन ने ऐसा होने पर द्वीपीय देश ताइवान के लोकतंत्र को जरूरत पड़ने पर बलपूर्वक छीनने की कसम खाई है। इतना ही नहीं चीन ने ताइवान पर राजनीतिक और सैन्य दबाव भी बढ़ा दिया है।

चीन ने कहा-ताइवानी उपराष्ट्रपति की यात्रा पर बारीकी से नजर

विदेश मंत्रालय के एक अनाम प्रवक्ता ने ऑनलाइन प्रकाशित एक बयान में कहा, "चीन ताइवानी उपराष्ट्रति की यात्रा से उत्पन्न होने वाली हर स्थिति के विकास पर बारीकी से नजर रख रहा है और राष्ट्रीय संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए दृढ़ और सशक्त कदम उठाएगा।" लाई स्वतंत्रता के बारे में ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन की तुलना में कहीं अधिक मुखर रही हैं, जिनसे बीजिंग पहले से ही शत्रुतापूर्ण है, क्योंकि वह ताइवान को चीन का हिस्सा मानने के उसके विचार को मानने से इनकार करती हैं।

ताइवान पर चीन के दावे को खारिज कर चुकी हैं विलियम लाई

हार्वर्ड से पढ़ाई के बाद डॉक्टर से नेता बनी विलियम लाई ने पहले खुद को "व्यावहारिक ताइवान स्वतंत्रता कार्यकर्ता" के रूप में वर्णित किया और इस सप्ताह एक स्थानीय टेलीविजन चैनल से बात करते हुए दोहराया कि ताइवान "पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (पीआरसी) का हिस्सा नहीं है"। उन्होंने ताइवान के आधिकारिक नाम का उपयोग करते हुए कहा, "चीन गणराज्य और पीआरसी एक-दूसरे के अधीन नहीं हैं। उनके इस बयान से चीन पहले ही भड़का हुआ है। " रविवार को न्यूयॉर्क में उतरने पर, लाई ने ट्विटर पर कहा, जिसे अब एक्स के रूप में जाना जाता है: "स्वतंत्रता, लोकतंत्र और अवसरों के प्रतीक, बिग एप्पल में आकर खुशी हुई," उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे पर अमेरिकी संस्थान के प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया।

लाई के ट्वीट से बढ़ी चीन की बौखलाहट

विलियम लाई ने ट्वीट पर लिखा, "दोस्तों से मिलने और न्यूयॉर्क में पारगमन कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए उत्सुक हूं। लाई पराग्वे तक यात्रा के बाद वापस लौटते समय सैन फ्रांसिस्को में रुकेंगीं। लाई के प्रस्थान से पहले वाले सप्ताह में, ताइवान के जल और हवाई क्षेत्र के आसपास चीनी सेना द्वारा घुसपैठ बढ़ा दी गई। बुधवार को, रक्षा मंत्रालय ने कहा कि 24 घंटे की अवधि में द्वीप के आसपास 33 चीनी युद्धक विमानों और छह जहाजों का पता चला है। "चीन अमेरिका और ताइवान के बीच किसी भी प्रकार के आधिकारिक आदान-प्रदान का दृढ़ता से विरोध करता है।

यह भी पढ़ें

शिकागो में होने जा रही विश्व धर्म संसद, 80 देश ढूंढ़ेंगे रूस-यूक्रेन युद्ध जैसी वैश्विक समस्याओं का समाधान

पाकिस्तान में चीनी इंजीनियरों के काफिले पर बम और गोली से हमला, बुलेटप्रूफ दस्ते पर किया आइईडी विस्फोट

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश