1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. China vs Taiwan: ताइवान में राजनीतिक अस्थिरता फैलाना चाहता है ड्रेगन? विपक्षी पार्टी के दल को बुलाया

China vs Taiwan: ताइवान में राजनीतिक अस्थिरता फैलाना चाहता है ड्रेगन? विपक्षी पार्टी के दल को बुलाया

 Published : Aug 11, 2022 02:07 pm IST,  Updated : Aug 11, 2022 02:07 pm IST

China vs Taiwan:ताइवान की मुख्य विपक्षी पार्टी ने क्षेत्र में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) द्वारा सैन्य अभ्यास के कारण जारी तनाव के बावजूद चीन के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भेजा है।

Taiwan President- India TV Hindi
Taiwan President Image Source : FILE PHOTO

Highlights

  • ताइवान की विपक्षी पार्टी के दल ने की चीन की यात्रा
  • विपक्षी दल के सदस्यों की यात्रा ने नए विवाद को दिया जन्म
  • ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन 'केएमटी' की यात्रा से परेशान

China vs Taiwan: अमेरिकी सांसद नैंसी पेलोसी की पिछले दिनों ताइवान की यात्रा के बाद चीन भड़का हुआ है। चीन एक ओर जंगी जहाज और मिसाइलों को सैन्याभ्यास के नाम पर दागकर अपना शक्ति प्रदर्शन कर ताइवान को डराना चाह रहा है। वहीं दूसरी ओर चीन अब ताइवान में विपक्षी दल के साथ संपर्क करके ताइवान की सत्तारुढ़ राष्ट्रपति को घेरना चाहता है। यही कारण है कि ताइवान की मुख्य विपक्षी पार्टी ने तनाव के बीच चीन का दौरा किया। ताइवान से तनाव के बीच विपक्षी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल की चीन यात्रा की टाइमिंग से यह आभास हो रहा है कि कहीं ताइवान में वह सत्ता को बदलने या ताइवान की राष्टपति के लिए मुश्किल तो खड़ी नहीं करान चाह रहा है? खुद ताइवान की प्रे​सीडेंट ने विपक्षी दल के इस दौरे को लेकर चिंता जताई है। 

तनाव के बीच प्रतिनिधिमंडल ने क्यों की चीन की यात्रा?

ताइवान की मुख्य विपक्षी पार्टी ने क्षेत्र में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) द्वारा सैन्य अभ्यास के कारण जारी तनाव के बावजूद चीन के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भेजा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ताइवान के विपक्षी कुओमिन्तांग (केएमटी) के उपाध्यक्ष एंड्रयू हसिया के नेतृत्व में दल बुधवार को चीन की यात्रा के लिए रवाना हुआ। केएमटी के अनुसार, यह ताइवान के व्यवसायियों और चीन में अध्ययन करने वाले या रहने वाले कुछ नागरिकों से मिलने के लिए मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्वी तटीय प्रांतों, जैसे फुजि़यान और झेजियांग के साथ-साथ ग्वांगडोंग प्रांत में पर्ल नदी डेल्टा में एक लंबी-योजनाबद्ध यात्रा थी।

विपक्षी दल के सदस्यों की यात्रा से नए विवाद को दिया जन्म

चीन में, हसिया के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के लिए आवश्यक क्वारंटीन अवधि 21 अगस्त को समाप्त हो रही है, जिसके बाद वे 27 अगस्त को ताइवान लौट आएंगे। इस यात्रा ने विवाद को जन्म दिया है, क्योंकि ताइवान पर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी द्वारा ताइपे की यात्रा के प्रतिशोध में ताइवान के खिलाफ बीजिंग के हालिया सैन्य और आर्थिक अभियान का दबाव रहा है।

ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन केएमटी की यात्रा से परेशान थीं। ताइवान की राष्ट्रपति  त्साई इंग-वेन ने बुधवार दोपहर अपनी डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (डीपीपी) की बैठक में कहा, 'इस समय, केएमटी ने हमारे लोगों को निराश करते हुए चीन जाने पर जोर दिया। जिस तरह से यह कार्य करता है वह अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को गलत संदेश भेज रहा है।' केएमटी ने परंपरागत रूप से सत्तारूढ़ डीपीपी की तुलना में चीनी सरकार के साथ निकट संपर्क बनाए रखा है, जो कि ताइवान के लिए सही नहीं है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश