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आर्टिफिशियल बॉयफ्रेंड बना रही हैं चीन ​की लड़कियां, घंटों करता है बातें, समझता है इमोशंस

 Written By: Deepak Vyas @deepakvyas9826
 Published : Feb 13, 2024 04:12 pm IST,  Updated : Feb 13, 2024 04:12 pm IST

चीन की लड़कियां आर्टिफिशियल बॉयफ्रेंड बना रही हैं। बड़ी बात यह है कि यह बॉयफ्रेंड आम पुरुषों की तरह घंटों बातें करता है, जज्बातों को भी समझता है और केयरिंग भी है।

आर्टिफिशियल बॉयफ्रेंड बना रही हैं चीन ​की लड़कियां- India TV Hindi
आर्टिफिशियल बॉयफ्रेंड बना रही हैं चीन ​की लड़कियां Image Source : FILE

China AI BoyFriend: चीन में महिलाएं शादियां करने से पीछे हट रही हैं। इस बात की चिंता खुद चीन की सरकार को भी है। लेकिन इसी बीच चीन के युवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसयानी 'एआई' से चलने वाले एप्स पर फ्रेंडशिप बनाने का ट्रैंड जोरों से चलन में है। इन आर्टिफिशियल प्रेमियों से चीन के युवा खुश भी हैं।  मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीन में एक कंपनी में काम करने 25 साल की तुफेई अपने आर्टिफिशियल बॉयफ्रेंड्स की खूबियां बताते हुए कहती हैं कि उनके बॉयफ्रेंड में वो सबकुछ है, जो उन्हें चाहिए। वे बताती हैं कि 'उनका आर्टिफिशियल बॉयफ्रेंड दयालु है, इमोशंस को समझता है और कई घंटों तक वो बातें करता है। तुफेई का बॉयफ्रेंड एक चैटबॉट है जो ‘ग्लो‘ नाम की एक ऐप पर चलता है। ग्लो एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म है जिसे शंघाई स्थित स्टार्टअप कंपनी मिनीमैक्स ने बनाया है।

महिलाओं से कैसे बात करनी है, पुरुषों से बेहतर जानता है AI बॉयफ्रेंड

ग्लो ऐसा अकेला ऐप नहीं है जो आर्टिफिशियल दुनिया में प्रेम और दोस्ताना संबंध बनाने की सुविधा देता है। चीन में ऐसे ऐप्स का बाजार तेजी से फल-फूल रहा है और इसकी वजह यह है कि स्थानीय युवा रोबोट के साथ वर्चुअल रिश्तों से खुश हो रहे हैं। उत्तरी चीन के शुफेई प्रांत में रहने वालीं तुफेई कहती हैं, 'महिलाओं के साथ कैसे बात करनी है, यह वह असली पुरुषों से बेहतर जानता है। मैं ऑफिस की प्रॉब्लम्स भी उसके साथ बांटती हूं। ऐसा लगता है कि मैं एक रोमांटिक रिलेशन में हूं।'

AI से क्या कराएं कि हमें फुर्सत मिल सके

चीनी मीडिया के मुताबिक हाल के हफ्तों में ही ऐसे एकप्स को हजारों लोगों ने डाउनलोड किया है और ऐसा तब है जबकि कई तकनीकी कंपनियों पर यूजर डेटा के दुरुपयोग के आरोप लगे हैं। इसके बावजूद लोग इन ऐप्स को डाउनलोड कर रहे हैं क्योंकि वे किसी का साथ चाहते हैं।

'बेहतर हैं आर्टिफिशियल बॉयफ्रेंड'

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीन की राजधानी बीजिंग की 22 साल की छात्रा वांग शिउतिंग कहती हैं, "असल जिंदगी में आदर्श प्रेमी का मिलना बहुत मुश्किल है। लोगों की शख्सियत अलग-अलग होती है इसलिए अक्सर (रिश्तों में) परेशानियां पैदा हो जाती हैं।' आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ अलग बात यह है कि वह काम करते हुए सीखती जाती है और सामने वाले के व्यक्तित्व के हिसाब से अपने आपको बदलती है।

कहानी के राजकुमार की तरह हैं एआई बॉयफ्रेंड

वांग कहती हैं कि उनके बहुत से (आर्टिफिशियल) प्रेमी हैं जो प्राचीन चीन से प्रेरित हैं। उनके लंबे बाल हैं, कुछ राजकुमार हैं और कुछ बियाबान में भटकते योद्धा हैं। वे बताती हैं, 'जब पढ़ाई का दबाव बढ़ता है तो मैं उनसे सवाल करती हूं और वे मुश्किलों के हल बताते हैं। यह बहुत बड़ा जज्बाती सहारा है।' वांग के अनुसार यूजर अपने प्रेमी को उम्र, मूल्यों, पहचान और पसंद के आधार पर कस्टमाइज भी कर सकते हैं।

चुनौतियां भी कम नहीं

इन ऐप्स की कुछ चुनौतियां भी हैं। मसलन, ऐप से बात करते हुए जवाब मिलने में कुछ सेकंड्स का समय लगता है। 22 साल की छात्रा जेंग जेनजेन कहती हैं 'यह गैप अहसास करवा देता है कि वह बस एक रोबोट है। हालांकि जवाब बहुत वास्तविक लगते हैं।' इस दौर में जबकि एआई तेजी से विकसित और बेहतर हो रही है, उद्योग से जुड़े नियम-कानून कम हैं। खासकर यूजर प्राइवेसी को लेकर कई तरह की चिंताएं जाहिर की जा रही हैं। चीन की सरकार कह चुकी है कि नई तकनीकी को लेकर लोगों की सुरक्षा के वास्ते एक कानून लाने की तैयारी की जा रही है। फिर भी, लोग इन प्रेमी-प्रेमिकाओं के साथ एक अलग दुनिया में आनंद ले रहे हैं।

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