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भारत और बांग्लादेश के बीच ढाका में हुई वार्ता में BSF ने दिया स्पष्ट संदेश, "अवैध घुसपैठियों को करते रहेंगे बाहर"

Edited By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia Published : Aug 28, 2025 11:08 pm IST, Updated : Aug 28, 2025 11:08 pm IST

BSF प्रमुख दलजीत सिंह चौधरी ने 11 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। वहीं, BGB प्रमुख सिद्दीकी ने 21 सदस्यीय बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई की। चार दिवसीय यह बैठक सीमा सुरक्षा, आपसी समझ और विश्वास बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

बांग्लादेश के बॉर्डर पर तैनात बीएसएफ के जवान (फाइल)- India TV Hindi
Image Source : AP बांग्लादेश के बॉर्डर पर तैनात बीएसएफ के जवान (फाइल)

ढाका: भारत और बांग्लादेश के बीच चल रहे तनाव के बीच सीमा सुरक्षा बलों के प्रमुखों के बीच द्विवार्षिक महानिदेशक स्तरीय बैठक गुरुवार को ढाका में संपन्न हुई। इस दौरान बीएसएफ ने साफ संदेश दिया कि हम अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस भेजते रहेंगे। इस बातचीत के केंद्र में अवैध घुसपैठ, सीमा पर हिंसा और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने जैसे अहम मुद्दे रहे। 

अवैध घुसपैठियों को भेज रहे वापस

भारत ने स्पष्ट किया कि वह केवल अवैध घुसपैठियों को ही वापस भेज रहा है। भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने इस अवसर पर बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के प्रमुख मेजर जनरल मोहम्मद अशरफुज्जमां सिद्दीकी के साथ आयोजित संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि “भारत से बांग्लादेश भेजे जा रहे लोग वे हैं जो अवैध रूप से घुसे हैं और उन्हें उचित प्रक्रियाओं के तहत ही वापस भेजा जा रहा है।” 

बॉर्डर से 550 घुसफैठियों को लौटाया गया

चौधीर ने जानकारी दी कि अब तक 550 लोगों को BGB को सौंपा जा चुका है और 2,400 मामलों का सत्यापन भारत स्थित बांग्लादेशी उच्चायोग की सहायता से किया गया है। चौधरी ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के पास कानूनी प्रत्यावर्तन का एक स्थापित तंत्र है, जिसके माध्यम से ऐसे मामलों का निपटारा किया जाता है।

सीमा पर गोलीबारी और हिंसा पर चर्चा

BGB प्रमुख सिद्दीकी ने बातचीत के दौरान सीमा पर लोगों की मौतों का मुद्दा भी उठाया, विशेष रूप से एक युवा बांग्लादेशी लड़के के बीएसएफ द्वारा कथित गोली मारे जाने की घटना का ज़िक्र किया। इस पर जवाब देते हुए बीएसएफ प्रमुख ने कहा, “हमारे जवान घातक हथियारों का प्रयोग केवल अंतिम विकल्प के रूप में करते हैं, जब उनकी जान को खतरा होता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के पहले छह महीनों में घुसपैठियों द्वारा धारदार हथियारों से किए गए हमलों में 35 बीएसएफ जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं।” 

चेतावनी देने के बाज जरूरी हो तो मारते हैं गोली

बीएसएफ ने कहा, “हम पहले चेतावनी देते हैं, फिर रास्ता रोकते हैं और अंत में यदि आवश्यक हो तो गोली चलाते हैं। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने सीमा पार अपराध, आतंकवाद और कट्टरपंथ को रोकने के लिए सामूहिक प्रयासों की प्रतिबद्धता जताई। चर्चा में सहमति बनी कि संयुक्त जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास के प्रयास होंगे। सीमा सुरक्षा के प्रति स्थानीय लोगों में जागरूकता बढ़ाई जाएगी। अंतरराष्ट्रीय सीमा पार अपराधियों की आवाजाही रोकने के उपाय किए जाएंगे। साथ ही, मुहुरिर चार जैसे क्षेत्रों में स्थायी सीमा स्तंभ स्थापित करने और सीमावर्ती नदियों का सीमांकन करने की आवश्यकता पर भी सहमति बनी। (भाषा)

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