Israel US Iran War Update LIVE: ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच चल रही जंग अब अपने 11वें दिन में प्रवेश कर गई है। जंग 28 फरवरी 2026 से तक शुरू हुई थी जब अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए थे। अमेरिका और इजरायल का मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को नष्ट करना है।
ईरान की तरफ से नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई की नियुक्ति के बाद हमले और तेज हो गए हैं। ईरानी अधिकारी लंबी जंग के लिए तैयार होने का संकेत दे रहे हैं और क्षेत्रीय हमलों को जारी रखने की बात कह रहे हैं। जंग की वजह से तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है। संघर्ष अब क्षेत्रीय जंग में बदल चुकी है। जंग के दौरान दोनों पक्षों की ओर से ताबड़तोड़ हमले किए जा रहे हैं। अमेरिका और इजरायल ने ईरान के सैन्य ठिकानों, मिसाइल उत्पादन सुविधाओं, IRGC मुख्यालयों और यहां तक कि तेल भंडारण स्थलों पर लगातार हमले किए हैं। ईरान ने अपने प्रॉक्सी ग्रुप्स के जरिए भी हमले किए हैं। ईरान ने खाड़ी देशों जैसे यूएई, बहरीन, कुवैत और इराक में ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं।
जंग के दौरान ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि जंग का अंत ईरान तय करेगा। IRGC के स्पोक्सपर्सन अली मोहम्मद ने कहा है कि युद्ध कब खत्म होगा, यह ईरान तय करेगा। इस बीच अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और रडार सिस्टम लगभग पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। ट्रंप ने यह भी कहा है कि ईरान के पास अब बड़े हथियार नहीं बचे हैं और एक नए ईरान के निर्माण की शुरुआत हो चुकी है। अमेरिका-इजरायल और ईरान से जुड़ी घटनाओं पर ताजा अपडेट्स जानने के लिए आप इंडिया टीवी की डिजिटल टीम के साथ जुड़े रहें।
UAE के रक्षा और आंतरिक मंत्रालय ने लोगों को चेतावनी दी है कि वो सुरक्षित जगह पर रहें। सरकारी वेबसाइटों पर चेतावनी और अपडेट पर ध्यान दें, क्योंकि एयर डिफेंस ईरानी ड्रोन और मिसाइलों से होने वाले खतरों को बेअसर करने के लिए काम कर रहे हैं। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “रक्षा मंत्रालय इस बात की पुष्टि करता है कि देश के अलग-अलग इलाकों में सुनाई देने वाली आवाजें एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने और फाइटर जेट द्वारा ड्रोन और घूमते हुए हथियारों को रोकने का नतीजा हैं।”
अमेरिकी सेना ईरानी मिसाइल लॉन्चर को लगातार निशाना बना रही है। CENTCOM ने कहा है कि US फोर्स ईरानी मिसाइल लॉन्चरों पर हमले बंद नहीं करेगी। एक्स पर एक पोस्ट में कहा गया, “जब हमें वो मिल जाएंगे, तो हम उन्हें खत्म कर देंगे।”
इराकी अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार सुबह उत्तरी इराक में एक कैंप पर एयरस्ट्राइक हुई, जिसमें कम से कम 5 लोग मारे गए। यह तुरंत साफ नहीं हो पाया कि किरकुक शहर में पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज की 40वीं ब्रिगेड पर हमले के पीछे कौन था। 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान के सपोर्ट वाले मिलिटेंट इराक में अमेरिकी बेस पर हमले कर रहे हैं।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने जवाबी हमले तेज कर दिए हैं। IRGC ने ऐलान किया है कि वह इजरायल और दूसरे टारगेट के खिलाफ अपनी सबसे भारी मिसाइलों जिनका वजन एक टन या उससे ज्यादा है का इस्तेमाल करेगा। ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री ने कन्फर्म किया है कि चीन, फ्रांस और रूस ने सीजफायर के बारे में बात की है। उन्होंने कहा कि ईरान इस बात पर अड़ा हुआ है कि वह बातचीत की टेबल पर तब तक नहीं लौटेगा जब तक उसे इस बात की गारंटी नहीं मिल जाती कि जैसा हमला हम अभी देख रहे हैं और जैसा जून में देखा था, वैसा दोबारा नहीं होगा।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि देश की सेना ने देश के अल-खारज गवर्नरेट के पूर्व में 2 ड्रोन रोके हैं। जंग के दौरान ईरान की ओर से सऊदी अरब पर लगातार हमले किए गए हैं।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि उन्होंने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी को फोन करके “ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों के सामने कतर के साथ अपनी एकजुटता” दिखाई। कार्नी ने कहा कि उन्होंने कतर के अमीर को “कतर में कनाडाई लोगों की सुरक्षा पक्का करने और देश छोड़ने की इच्छा रखने वाले कनाडाई लोगों के लिए ट्रांसपोर्टेशन के ऑप्शन पक्का करने के लिए कनाडा के साथ काम करने” के लिए भी धन्यवाद दिया।
एक इराकी सिक्योरिटी सोर्स की ओर से रिपोर्ट किया गया है कि एक ड्रोन ने इराकी राजधानी में एयरपोर्ट के पास US लॉजिस्टिक्स सपोर्ट कैंप को निशाना बनाया है। इस बीच इराक में इस्लामिक रेजिस्टेंस का कहना है कि उसके लड़ाकों ने पिछले 24 घंटों में इराक और इलाके में दुश्मन के ठिकानों को निशाना बनाकर 37 ऑपरेशन किए हैं। ईरान समर्थक ग्रुप ने कहा कि उसने हमलों में दर्जनों ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया है।
मिडिल ईस्ट में जंग की वजह से तेल की कीमतें बढ़ने पर मिस्र ने मंगलवार को फ्यूल की कीमतें 17 फीसदी तक बढ़ा दी हैं। पेट्रोलियम मिनिस्ट्री के मुताबिक, एक लीटर डीजल, जिस पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट काफी हद तक निर्भर है की कीमत 17 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई है। 92-ऑक्टेन गैसोलीन की कीमत 15 फीसदी और 95-ऑक्टेन गैसोलीन की कीमत 14 प्रतिशत बढ़ी है। जंग ने मिस्र को बुरी तरह प्रभावित किया है। मिस्र बाहर से मंगाए जाने वाले फ्यूल पर बहुत अधिक निर्भर है।
अमेरिकी प्रेसिडेंट ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट के अहम समुद्री चोकपॉइंट से तेल के फ्लो को रोकने की कोई भी कोशिश जबरदस्त मिलिट्री जवाबी कार्रवाई शुरू कर देगी। ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर कहा, “अगर ईरान ऐसा कुछ करता है जिससे होर्मुज स्ट्रेट के अंदर तेल का फ्लो रुकता है, तो यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका उन पर अब तक हुए हमलों से 20 गुना ज्यादा ज़ोरदार हमला करेगा।”
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