इस्लामाबाद: भारत द्वारा मई 2025 में आतंकी ठिकानों पर किए गये ऑपरेशन सिंदूर के प्रहार का दर्द पाकिस्तान भूल नहीं पा रहा है। पाकिस्तान को आगे भी भारत से ऑपरेशन सिंदूर जैसे हमले का डर सता रहा है, लिहाजा पाक आर्मी चीफ असीम मुनीर अब अब अपनी सेना में बड़ा बदलाव करना चाह रहा है। ताकि वह भविष्य में इस तरह के भारतीय सेना के घातक हमलों से बचाव कर सके।
पाकिस्तान सेना में होंगे क्या बदलाव
पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान की सेना कई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर परिवर्तन से गुजर रही है। इसमें भौतिक की जगह टेक्निकल ट्रेनिंग पर अधिक फोकस किया जा रहा है। उसने कहा कि सभी खतरों के खिलाफ देश की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए सेना पूरी तरह तैयार है। मुनीर ने बहावलपुर गैरिसन का दौरा करते हुए यह टिप्पणियां कीं, जहां उसने कोर के विभिन्न परिचालन, प्रशिक्षण और प्रशासनिक पहलुओं पर जानकारी दी गई, जिसमें मल्टी-डोमेन युद्ध की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया गया। सैनिकों को संबोधित करते हुए, मुनीर ने उनकी उच्च मनोबल, पेशेवर क्षमता और परिचालन तैयारियों की सराहना की।
भविष्य के खतरों से निपटने की तैयारी
पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ने भारत द्वारा भविष्य के हमलों से निपटने के लिए अपनी सेना को तैयार रखने की बात की। हालांकि उसने इस दौरान भारत का नाम नहीं लिया। मगर उसने साफ संकेत दिया कि भारत के ऑपरेशन सिंदूर जैसे खतरों का दोबारा सामना करने के लिए सेना को तैयार रहना होगा। मुनीर ने दोहराया कि सशस्त्र बल पाकिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए सभी खतरों के खिलाफ पूरी तरह तैयार है। पाक सेना को भविष्य के युद्धक्षेत्र और सुरक्षा चुनौतियों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इष्टतम तैयारी बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही कहा कि पाकिस्तान सशस्त्र बल कई क्षेत्रों में बड़े परिवर्तन से गुजर रहे हैं।" "भविष्य में, तकनीकी युद्धाभ्यास शारीरिक युद्धाभ्यास की जगह लेंगे और आक्रामक तथा रक्षात्मक अभियानों को करने के तरीके को मौलिक रूप से बदल देंगे। इसलिए, पाकिस्तान सशस्त्र बल तेज गति से तकनीक को अपनाने और आत्मसात करने में लगे हुए हैं।
पाकिस्तान का कहां है फोकस
मुनीर के अनुसार पाकिस्तान इस प्रक्रिया में नवाचार, स्वदेशीकरण और अनुकूलन पर अधिक ध्यान दे रहा है। मुनीर ने खैरपुर तमेवाली में उच्च-तीव्रता वाले फील्ड अभ्यास "स्टेडफास्ट रिजॉल्व" का भी अवलोकन किया, जिसमें अनमैन्ड एरियल सिस्टम, उन्नत निगरानी संपत्तियां, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर संपत्तियां और आधुनिक कमांड-एंड-कंट्रोल तंत्र जैसी नवीन तकनीकों का एकीकरण शामिल था। इससे पहले आरओएचआई ईस्किल्स लर्निंग हब (एसटीपी) का उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य छात्रों, विशेष रूप से दक्षिणी पंजाब और पूरे देश के छात्रों के लिए डिजिटल कौशल और सीखने के अवसरों को बढ़ावा देना है। उसने ईएमई रीजनल वर्कशॉप का भी दौरा किया, जहां उन्नत तकनीकों, स्वदेशीकरण और अन्य युद्ध सहायता उपायों के माध्यम से आधुनिक प्लेटफॉर्मों को बनाए रखने की रखरखाव व्यवस्था पर जानकारी दी गई।