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चीन और पाकिस्तान के बीच रक्षा व अंतरिक्ष में गुप्त संबंधों की खुल गई पोल, इस्लामाबाद में बेस बनाना चाहता है बीजिंग

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Dec 24, 2025 10:51 pm IST,  Updated : Dec 24, 2025 10:54 pm IST

चीन और पाकिस्तान के बीच गुप्त रक्षा और अंतरिक्ष संबंधों की नई कहानी सामने आई है। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं।

पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ (बाएं) और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (दाएं)- India TV Hindi
पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ (बाएं) और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (दाएं) Image Source : AP

न्यूयॉर्क/वाशिंगटन: अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने चीन और पाकिस्तान के बीच रक्षा व अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में गुप्त सहयोग की पोल खोल दी है। पेंटागन रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने पाकिस्तान में संभवतः एक सैन्य अड्डा स्थापित करने पर भी विचार किया है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने मंगलवार को संसद में प्रस्तुत अपनी वार्षिक 'पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना से संबंधित सैन्य और सुरक्षा घटनाक्रम रिपोर्ट 2025' में बताया कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) अतिरिक्त सैन्य सुविधाएं स्थापित करने पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है और योजना बना रही है। 

पाकिस्तान समेत कई देशों में बेस बनाना चाहता है चीन

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन पाकिस्तान की नौसेना और वायुसेना के साथ-साथ थलसेना को भी मदद पहुंचा रहा है। साथ ही यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान उन देशों में से एक है जहां चीन ने संभावित रूप से एक अड्डा स्थापित करने पर विचार किया है। रिपोर्ट में कहा गया है, “चीन ने संभावित रूप से अंगोला, बांग्लादेश, म्यांमार, क्यूबा, इक्वेटोरियल गिनी, इंडोनेशिया, केन्या, मोजाम्बिक, नामीबिया, नाइजीरिया, पाकिस्तान, पापुआ न्यू गिनी, सेशेल्स, सोलोमन आइलैंड्स, श्रीलंका, ताजिकिस्तान, थाईलैंड, तंजानिया, संयुक्त अरब अमीरात और वनुआतु में अड्डा स्थापित करने पर भी विचार किया है।

पाकिस्तान को 5वीं पीढ़ी का विमान देगा चीन

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पीएलए संभवतः सबसे अधिक मलक्का जलडमरूमध्य, हॉर्मूज जलडमरूमध्य और अफ्रीका तथा मध्य एशिया के अन्य क्षेत्रों में समुद्री संचार मार्गों तक सैन्य पहुंच बनाने में रुचि रखती है। चीन ने तीन लड़ाकू विमान निर्यात के लिए पेश किए हैं, जिनमें पांचवीं पीढ़ी का एफसी-31, चौथी पीढ़ी का जे-10सी मल्टीरोल लड़ाकू विमान और चीन-पाकिस्तान द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित जेएफ-17 हल्का लड़ाकू विमान भी शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार इन विमानों के अलावा चीन ने काइहोंग और विंग लूंग ड्रोन की अल्जीरिया, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, इराक, मोरक्को, म्यांमार, पाकिस्तान, सर्बिया और यूएई को आपूर्ति की है।

चीन ने दिए पाक को 20 जे 10-सी विमान

रिपोर्ट में कहा गया है कि मई 2025 तक चीन ने पाकिस्तान को 20 जे-10सी विमानों की आपूर्ति की है। रिपोर्ट में अंतरिक्ष सहयोग का भी जिक्र है, जहां चीन ने 2024 में विश्व स्तर पर अपनी अंतरिक्ष सहयोग गतिविधियां बढ़ाईं, संभवतः सहयोगी अंतरिक्ष शक्ति के रूप में अपनी छवि मजबूत करने और अमेरिकी वैश्विक नेतृत्व को चुनौती देने के लिए। पाकिस्तान सहित कई देशों ने चीन के अंतरराष्ट्रीय लूनर रिसर्च स्टेशन (आईएलआरएस) में सहयोग समझौते किए हैं।

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