1. Hindi News
  2. विदेश
  3. यूरोप
  4. ब्रिटेन के इस कदम से भारत को झेलना पड़ सकता है नुकसान, क्या है पीएम ऋषि सुनक का प्लान?

ब्रिटेन के इस कदम से भारत को झेलना पड़ सकता है नुकसान, क्या है पीएम ऋषि सुनक का प्लान?

 Published : Jun 19, 2023 04:36 pm IST,  Updated : Jun 19, 2023 06:53 pm IST

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने एक ऐसा ऐलान किया है, जिससे भारत को सीधे तौर पर नुकसान उठाना पड़ सकता है। देश के व्यापारियों और व्यवसायियों ने भी यह आशंका जाहिर की है। दरअसल ब्रिटेन शुल्क लाभ योजना (जीएसपी) वापस लेने जा रहा है। इसका असर भारतीय निर्यातकों पर पड़ सकता है।

ऋषि सुनक, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री- India TV Hindi
ऋषि सुनक, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Image Source : AP

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक कुछ ऐसा कदम उठाने जा रहे हैं कि उससे भारत को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल पीएम ऋषि सुनक ने शुल्क लाभ योजना (जीएसपी) को वापस लेने का फैसला किया है। इससे भारत को सबसे ज्यादा नुकसान होने की आशंका है। जानकारों के अनुसार ब्रिटेन के शुल्क लाभ योजना जीएसपी को वापस लेने के फैसले से चमड़ा और कपड़ा जैसे कुछ श्रम आधारित क्षेत्रों के भारतीय निर्यातक प्रभावित हो सकते हैं। विशेषज्ञों और व्यापारियों ने भी यही आशंका जाहिर की है।

बता दें कि ब्रिटेन 19 जून से सामान्यीकृत तरजीही योजना (जीएसपी) की जगह एक नई व्यवस्था विकासशील देशों के लिए व्यापार योजना (डीसीटीएस) को लागू कर रहा है। इस कारण कपड़ा, चमड़े के सामान, कालीन, लोहा और इस्पात के सामान और रसायनों सहित कुछ श्रम आधारित क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआइ) ने कहा कि अमेरिका, यूरोपीय संघ (ईयू), ऑस्ट्रेलिया, जापान और कई अन्य विकसित देश अपनी जीएसपी योजनाओं के तहत विकासशील देशों को आयात शुल्क रियायत देते हैं। जीटीआरआइ के सह-संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘चूंकि ब्रिटेन, यूरोपीय संघ से बाहर आ गया है, इसलिए उसने अपनी जीएसपी योजना तैयार की है।

क्या है जीएसपी की शर्तें

प्रत्येक देश उत्पादों के आधार पर एक सीमा निर्धारित करता है, और यदि किसी देश का निर्यात उस सीमा से अधिक होता है तो जीएसपी रियायतें बंद हो जाती हैं। ब्रिटेन श्रम आधारित क्षेत्रों को दी जाने वाली जीएसपी रियायतें वापस ले रहा है।’’ उन्होंने कहा कि यह अनुमान पहले से था कि ब्रिटेन इन रियायतों को वापस लेगा, क्योंकि दोनों देश मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। जीएसपी रियायतें आमतौर पर अल्प विकसित देशों (एलडीसी) को मिलती हैं। चीन को ऐसी रियायतें नहीं मिलतीं हैं। भारत का 2.5 अरब डॉलर का निर्यात ब्रिटेन में जीएसपी लाभ का हकदार है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा कि ब्रिटेन में कुछ भारतीय सामान के निर्यात का हिस्सा एक निश्चित सीमा से बढ़ गया है, जिसके कारण वे अब जीएसपी का लाभ नहीं उठा पाएंगे। उन्होंने कहा कि धातु जैसे कुछ क्षेत्रों को लाभ मिलता रहेगा। (भाषा)

यह भी पढ़ें

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की तक कैसे पहुंची ऋषि सुनक के मां के हाथ से बनी बर्फी, पीएम ने सुनाया रोचक किस्सा

चीन के दुश्मन बन रहे हिंदुस्तान के दोस्त, South China Sea को लेकर शी जिनपिंग परेशान

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Europe से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश