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प्रैंक कॉल के जाल में फंसी इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी, राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर भड़के विपक्षी दल

 Written By: Deepak Vyas @deepakvyas9826
 Published : Nov 03, 2023 06:35 pm IST,  Updated : Nov 03, 2023 06:35 pm IST

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी रूस से आए प्रैंक कॉल के जाल में फंस गईं। इस दौरान इटली के विपक्षी राजनीतक दलों ने उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बात करने के आरोप लगाए। जानिए क्या है पूरा मामला?

इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी- India TV Hindi
इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी Image Source : FILE

Georgia Meloni News: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर इन दिनों अपने देश के विपक्षी दलों केी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, मेलोनी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बताया जा रहा है कि मेलोकनी रूस से आए प्रैंक कॉल से धोखा खा गई। रूस से आए प्रैंक कॉल पर इटली के राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलो पर मेलोनी ने चर्चा की। यह रिपोर्ट रशिया टुडे में सामने आने के बाद से ही विपक्षी राजनीतिक दल पीएम जॉर्जिया मेलोनी की कड़ी आलोचना कर रहे हैं। 

खबरों के अनुसार रूसी प्रैंक कॉल करने वाले मसखरों ने कथित तौर पर मेलोनी को कॉल किया। इनकी पहचान रूसी हास्य कलाकारों वोवन और लेक्सस के रूप में हुई है। दोनों ने इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी को फोन किया और खुद को अफ्रीकी राजनेता बताया। फोन पर मेलोनी गच्चा खा गईं उन्होंने दोनों के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों पर चर्चा की। विपक्षी दल के राजनेताओं ने इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद इसकी आलोचना की है।

प्रैंक कॉल करने वाले ने बताया खुद को अफ्रीकन राजनेता

रशिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार इटली के प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस धोखाधड़ी पर बयान दिया है। प्रैंक कॉल पर राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मसलों पर बात करने को लेकर पीएम मेलोनी ने 'खेद' व्यक्त किया है। साथ ही बताया कि इस प्रैंक कॉल में फोन करने वाले अफ्रीकी संघ आयोग के अध्यक्ष मौसा फाकी हैं। 

पूर्व प्रधानमंत्री ने यूक्रेन और रूस युद्ध पर सवाल खड़े किए

2018 से 2021 तक इटली के प्रधानमंत्री रहे कोंटे ने मेलोनी के मामले को "बड़ी गलती" करार दिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ग्यूसेप कोंटे ने कहा, "वह बिना किसी समय सीमा के यूक्रेन को हथियार भेज रही है। वह सैन्य वृद्धि को आगे बढ़ा रही हैं, लेकिन वह स्पष्ट रूप से जानती हैं कि बातचीत का रास्ता निकालना जरूरी है, जो दोनों पक्षों के हितों की रक्षा करेगा।" खबरों के अनुसार, प्रधानमंत्री मेलोनी ने प्रैंक कॉल के दौरान कहा कि यूक्रेन युद्ध से "बहुत थक" चुकी थीं और सभी को जल्द ही एहसास होगा कि दोनों पक्षों को स्वीकार्य समाधान की जरूरत है। 

प्रैंक कॉल में इन विषयों पर भी हुई बात

रूस टुडे के अनुसार मेलोनी ने प्रैंक कॉल पर जिन अन्य विषयों पर बात की उनमें गर्मियों में रूस के खिलाफ जवाबी हमले के दौरान कीव की विफलता, यूरोपीय ऊर्जा सुरक्षा और यूरोपीय संघ में अवैध प्रवासन शामिल रहे। बता दें कि कीव रूसी हमलों के दौरान अपने अधिक क्षेत्र सुरक्षित करने में विफल रहा था।

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