मॉस्को: यूक्रेन के साथ 3 साल से अधिक समय से जारी महायुद्ध के दौरान रूस ने अपने रणनीतिक परमाणु बलों का विशाल सैन्य अभ्यास करके दुनिया में हलचल पैदा कर दी है। इस दौरान रूस ने अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) और क्रूज़ मिसाइलों का परीक्षण व प्रक्षेपण भी किया। इस अभ्यास की निगरानी स्वयं रूस के राष्ट्रपति और सर्वोच्च सेनापति व्लादिमिर पुतिन ने की।
रूसी जनरल ने पुतिन को किया ब्रीफ
रूसी सेना के जनरल स्टाफ प्रमुख वालेरी गेरासिमोव ने इस अभ्यास की पूरी जानकारी राष्ट्रपति पुतिन के सामने ब्रीफ की। अभ्यास के दौरान रूस ने अपनी सबसे उन्नत परमाणु मिसाइलों में से एक ‘यार्स’ (Yars) अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। यह मिसाइल प्लेसेत्स्क कॉस्मोड्रोम से प्रक्षेपित की गई और लगभग पूरे रूस को पार करते हुए कामचटका प्रायद्वीप में स्थित कुड़ा प्रशिक्षण क्षेत्र तक पहुंची।
इस परीक्षण ने रूस की परमाणु ताकत और मिसाइल प्रणाली की लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता को फिर से साबित किया। रूस दुनिया का सबसे बड़ा देश है और यह परीक्षण उसकी सामरिक और तकनीकी क्षमताओं का प्रत्यक्ष प्रदर्शन था। इस अभ्यास का उद्देश्य रूस की परमाणु युद्ध क्षमता की तात्कालिक प्रतिक्रिया शक्ति को परखना और यह सुनिश्चित करना था कि उसके रणनीतिक बल किसी भी परिस्थिति में जवाबी कार्रवाई करने में सक्षम हैं।
अभ्यास के दौरान रूस ने परमाणु पनडुब्बियों से भी क्रूज़ मिसाइलें दागी। यह रूसी नौसेना की ताकत और त्रिस्तरीय परमाणु प्रतिरोधक ढांचे (जमीनी, समुद्री और हवाई) का हिस्सा हैं। यह अभ्यास ऐसे समय पर हुआ है, जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहे हैं और यूक्रेन युद्ध को लेकर पश्चिमी देशों और रूस के बीच रिश्ते बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार यह अभ्यास न केवल रूस की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन है, बल्कि एक स्पष्ट संदेश भी है कि रूस किसी भी बाहरी खतरे या हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। रूस ने यार्स मिसाइल का सफल परीक्षण कर अपनी परमाणु क्षमता का प्रदर्शन किया है, जिसकी निगरानी राष्ट्रपति पुतिन ने की। यह अभ्यास रूस की रणनीतिक सैन्य शक्ति और परमाणु तैयारियों को दर्शाता है।
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