कीवः यूक्रेन ने 72 घंटे के भीतर रूस पर एक और बड़ा हमला किया है। यूक्रेन की सेना ने इस बार क्रीमिया ब्रिज पर 1100 किलो का अंडरवाटर विस्फोटक लगाकर ब्रिज को उड़ा दिया है। हालांकि इससे ब्रिज को कितना बड़ा नुकसान पहुंचा है। यह ब्यौरा अभी आना बाकी है। इससे पहले 01 जून को यूक्रेन ने रूस के 5 आर्मी बेस को ड्रोन हमले में उड़ा दिया था। इसमें यूक्रेन ने रूस के 41 फाइटर जेट को तबाह करने का दावा किया था।
यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (एसबीयू) के अनुसार इस हमले में टीएनटी विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया है। हमले में क्रीमिया ब्रिज को बड़ा नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया है। यह रूस को क्रीमिया से जोड़ने वाला रणनीतिक और व्यापरिक रूप से अहम ब्रिज है। इससे पहले भी यूक्रेन इस ब्रिज को कई बार उड़ाने का प्रयास कर चुका है।
क्रीमिया ब्रिज रूस और यूक्रेन दोनों के लिए ही रणनीतिक रूप से अत्यधिक महत्व रखता है। यह रूस को उसके द्वारा कब्ज़ा किए गए क्रीमिया को जोड़ने वाला एक रणनीतिक और प्रतीकात्मक रूप से बेहद अहम पुल है। यही कारण है कि यह यूक्रेन के निशाने पर बना हुआ है। इसे केर्च स्ट्रेट ब्रिज भी कहा जाता है।
यह पुल रूस के मुख्य भूमि क्षेत्र को क्रीमिया से जोड़ता है। यह रूसी सेना को हथियार, सैनिक और रसद इसी मार्ग से क्रीमिया और दक्षिणी यूक्रेन में भेजने का प्रमुख मार्ग है। ऐसे में यूक्रेन द्वारा इस पुल को नुकसान पहुंचाना या नष्ट करना रूसी सैन्य आपूर्ति की रीढ़ तोड़ने जैसा है।
यह पुल 2018 में बनाया गया था। रूस द्वारा क्रीमिया पर 2014 में किए कब्जे को स्थायी बनाने के प्रतीक के रूप में इसका निर्माण कराया गया था। यूक्रेन और पश्चिमी देशों के लिए यह पुल अवैध कब्जे का प्रतीक है। इसे निशाना बनाना रूस के मनोबल को कमजोर करने और दुनिया को संदेश देने का ज़रिया है। इस ब्रिज से व्यापार और पर्यटन के ज़रिये क्रीमिया की अर्थव्यवस्था रूस से जुड़ी हुई है। इसे नष्ट करने से रूसी आर्थिक और नागरिक जीवन पर भी असर पड़ता है।
संपादक की पसंद