Holika Dahan 2026: होलिका दहन के दिन क्या नहीं करना चाहिए? जानें छोटी होली के दिन कौनसे काम करने से जीवन में बढ़ सकती हैं दिक्कतें
Holika Dahan 2026: होलिका दहन के दिन क्या नहीं करना चाहिए? जानें छोटी होली के दिन कौनसे काम करने से जीवन में बढ़ सकती हैं दिक्कतें
Written By: Vineeta Mandal
Published : Mar 02, 2026 07:00 pm IST,
Updated : Mar 02, 2026 07:14 pm IST
Holika Dahan 2026: हिंदू धर्म में होलिका दहन का दिन अत्यंत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन इन कामों को करने से बचना चाहिए। वरना आपके जीवन जीवन पर इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है।
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होलिका दहन 2026
Holika Dahan 2026: हिंदू धर्म में होलिका दहन का दिन अत्यंत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। होलिका दहन को छोटी होली के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलिका दहन की अग्नि अत्यंत ही पावन और पवित्र होता है। होलिका दहन की आग नकारात्मक शक्तियों को नाश करने वाला माना गया है। धार्मिक दृष्टि से होलिका दहन की रात विशेष महत्व रखती है। इस वजह से इन गलतियों करने से बचना चाहिए वरना आपकी जिंदगी परेशानियों से घिर सकती है।
होलिका दहन के दिन न करें ये काम
होलिका दहन के दिन तामसिक चीजों (मांस-मदिरा) का सेवन नहीं करना चाहिए।
होलिका दहन के दिन किसी को भी पैसों का उधार नहीं देना चाहिए।
होलिका दहन सास-बहू को एक साथ नहीं देखना चाहिए। वरना आपके घर में कलह-क्लेश हो सकता है।
होलिका दहन के दिन पति-पत्नी किसी भी तरह के वाद-विवाद करने से बचना चाहिए। वरना आपके रिश्ते पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
होलिका दहन की आग में घर का कूड़ा, चमड़े और फटे कपड़े आदि चीजें नहीं डालनी चाहिए।
गर्भवती महिलाओं को होलिका दहन की अग्नि कभी नहीं देखें। इसका अशुभ प्रभाव पड़ सकता है।
होलिका दहन के दिन नाखून नहीं काटना चाहिए।
होलिका दहन मुहूर्त
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ- मार्च 02, 2026 को 05:55 पी एम बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त - मार्च 03, 2026 को 05:07 पी एम बजे
होलिका दहन मुहूर्त - 06:44 पी एम से 09:11 पी एम
भद्रा पूँछ - 01:25 ए एम से 02:35 ए एम, मार्च 03
भद्रा मुख - 02:35 ए एम से 04:30 ए एम, मार्च 03
होलिका दहन के दिन क्या करना चाहिए?
होलिका पूजा के बाद होली की परिक्रमा करनी चाहिए।
होलिका दहन की अग्नि में जौ या गेहूं की बाली, चना, मूंग, चावल, नारियल, गन्ना, बताशे आदि चीजें डालनी चाहिए।
होली की आग में जौ की बालियों को भूनकर प्रसाद के रूप में खाना और सबको बांटना चाहिए।
होलिका दहन के बाद सबको होली के रंगों से टीका भी लगाना चाहिए।
होलिका दहन के दिन सात्विक भोजन का सेवन करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)