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UNSC में भारत ने नाम लिए बगैर चीन को लताड़ा, कहा-आतंकियों पर ऐक्शन में अड़ंगा न लगाएं देश

यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थाई सदस्य चीन के संदर्भ में था, जो पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को आतंकवादी घोषित करने के लिए भारत के प्रयास के रास्ते में बार-बार रोड़ा अटकाता रहा है।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Updated on: August 21, 2021 10:08 IST
Countries should not place blocks and holds without any reason on requests to designate terrorists- India TV Hindi
Image Source : PTI भारत ने आतंकवाद पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में नाम लिए बगैर चीन को जमकर लताड़ लगाई।

संयुक्त राष्ट्र: भारत ने आतंकवाद पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में नाम लिए बगैर चीन को जमकर लताड़ लगाई। भारत ने बृहस्पतिवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा कि आतंकवादी घोषित करने के अनुरोधों के रास्ते में बिना किसी उचित कारण देशों को अवरोध उत्पन्न नहीं करना चाहिए। भारत ने चेताया कि कोई भी दोहरा मानदंड या आतंकवादियों के बीच भेदभाव सिर्फ हमें तकलीफ पहुंचाएगा। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय समुदाय समान विचार रखता है कि आतंकवाद के सभी स्वरूपों की निंदा होनी चाहिए। इसमें कोई अपवाद नहीं हो सकता है। ना ही किसी आतंकवादी गतिविधि को सही ठहराया जा सकता है, भले ही उसके पीछे कारण/मंशा कुछ भी हो।’’

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मौजूदा अध्यक्ष जयशंकर आतंकवादी गतिविधियों के कारण अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को उत्पन्न खतरा विषय पर सुरक्षा परिषद में चर्चा की अध्यक्षता कर रहे थे। अपने देश की ओर से जयशंकर ने इस साल जनवरी में परिषद में की गई अपनी टिप्पणी को दोहराया, जिसमें उन्होंने आतंकवाद के खात्मे के लिए आठ सूत्री कार्य योजना का प्रस्ताव रखा था। 

उन्होंने कहा, ‘‘राजनीतिक इच्छाशक्ति मजबूत करें, आतंकवाद को न्यायसंगत ना बताएं, आतंकवादियों का महिमामंडन ना करें, दोहरा मानदंड ना अपनाएं। आतंकवादी, आतंकवादी होते हैं, उनमें फर्क कर हम सिर्फ अपनी तकलीफें बढ़ाएंगे, बिना किसी कारण के अनुरोध (आतंकवादी घोषित करने) के रास्ते में बाधा उत्पन्न ना करें।’’ यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थाई सदस्य चीन के संदर्भ में था, जो पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को आतंकवादी घोषित करने के लिए भारत के प्रयास के रास्ते में बार-बार रोड़ा अटकाता रहा है।

उन्होंने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता। तालिबान पर भारत का क्या रुख रहेगा इसको लेकर एस जयशंकर ने अपने संबोधन में कहा कि भारत हमेशा से आतंकवाद का शिकार रहा है। हमने आतंकवाद को झेला है, किसी भी रूप में आतंकवाद बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। कुछ देश आतंकवादियों का समर्थन कर रहे हैं उन्हें रोकना होगा। अफगानिस्तान में तालिबान का आना दुनिया के लिए अच्छी खबर नहीं है। 

बता दें कि, विदेश मंत्री एस जयशंकर शुक्रवार को भारत लौट आएंगे और अफगानिस्तान में जारी घटनाक्रमों के मद्देनजर मेक्सिको, पनामा और गुयाना की यात्रा नहीं करेंगे। सूत्रों ने यह जानकारी दी है। तालिबान के रविवार को अफगानिस्तान की राजधानी पर कब्जा करने के बाद तनाव, भय और अनिश्चितता की वजह से भारत ने मंगलवार को अपने राजदूत रूद्रेंद्र टंडन और काबुल दूतावास के कर्मचारियों को एक सैन्य परिवहन विमान में वापस देश बुला लिया। भारत की परिषद की वर्तमान अध्यक्षता के तहत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रौद्योगिकी और शांति स्थापना तथा आतंकवाद रोकथाम विषयों पर बैठकों की अध्यक्षता करने के लिए जयशंकर बीते सोमवार को यहां पहुंचे थे।

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