1997 में रिलीज हुई जेपी दत्ता की फिल्म 'बॉर्डर' आज भी देशभक्ति फिल्मों की सूची में एक मील का पत्थर मानी जाती है। इस फिल्म को देखकर लोग आज भी रो पड़ते हैं तो कई रगों में जोश भर उठता है। इसी के चलते फिल्म के हर किरदार को लोगों का सालों तक प्यार मिलता रहा। इस फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की, बल्कि इसके किरदार भी दर्शकों के दिलों में हमेशा के लिए बस गए। सनी देओल का दमदार अंदाज हो या फिर सीमा पर तैनात हर जवान की कहानी, हर पात्र ने फिल्म को यादगार बना दिया। इन्हीं यादगार किरदारों में एक नाम है सूबेदार मथुरा दास का, जिसे अभिनेता सुदेश बेरी ने निभाया था।
फिल्म का ये सीन बना आइकॉनिक
मथुरा दास का किरदार फिल्म में एक ऐसा मोड़ लेकर आता है, जो दर्शकों को भावनात्मक रूप से झकझोर देता है। युद्ध के बीच घर जाने की बेचैनी, छुट्टी की गुहार और फिर सनी देओल के किरदार से मिली कड़ी फटकार, ये सभी दृश्य आज भी लोगों को याद हैं। सुदेश बेरी ने इस रोल में डर, मजबूरी और इंसानी कमजोरी को बेहद सच्चाई के साथ पर्दे पर उतारा, जिसकी वजह से उनका यह किरदार फिल्म का अहम हिस्सा बन गया। हालांकि सुदेश बेरी को अक्सर सहायक या नकारात्मक भूमिकाओं में नजर आए हैं, लेकिन अभिनय के मामले में उन्होंने हमेशा गहरी छाप छोड़ी। वे भले ही बतौर लीड एक्टर बड़ी पहचान न बना पाए हों, लेकिन विलेन और सपोर्टिंग किरदारों में उन्होंने अपनी अलग जगह बनाई। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और संवाद अदायगी ने उन्हें इंडस्ट्री में एक भरोसेमंद अभिनेता के रूप में स्थापित किया।
इन फिल्मों में किया काम
सुदेश बेरी ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1988 में आई फिल्म 'खतरों के खिलाड़ी' से की थी, लेकिन असली पहचान उन्हें 1990 की सुपरहिट फिल्म 'घायल' से मिली। इस फिल्म में वे सनी देओल के साथ जेल में उनके साथी के रूप में नजर आए थे। इसके बाद 1992 में दूरदर्शन के लोकप्रिय शो 'कशिश' में काम कर उन्होंने टेलीविजन की दुनिया में भी कदम रखा। फिल्मों में 'वंश' और 'युद्धपथ' जैसी फिल्मों में उन्होंने लीड रोल निभाए, लेकिन दर्शकों ने उन्हें ज्यादा सराहा सपोर्टिंग एक्टर के रूप में ही। उनकी फिल्मोग्राफी में 'आर्मी', 'बॉर्डर', 'रिफ्यूजी', 'एलओसी कारगिल' और 'टैंगो चार्ली' जैसी कई चर्चित फिल्में शामिल हैं, जिनमें उन्होंने अधिकतर सैन्य, पुलिस या सख्त किरदार निभाए।
टीवी की दुनिया का बड़ा नाम
आज के दौर में सुदेश बेरी फिल्मों से ज्यादा टीवी इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और छोटे पर्दे का एक जाना-माना चेहरा बन चुके हैं। लंबे करियर के बावजूद उनकी पहचान आज भी 'बॉर्डर' के मथुरा दास से जुड़ी है, एक ऐसा किरदार, जिसने उन्हें सिनेमा इतिहास में अमर बना दिया। 'अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजो' में उनके किरदार को लोगों ने काफी पसंद किया, वो सीरियल में ठाकुर लोहा सिंह के रोल में नजर आए थे। रुबीना दिलैक और काम्या पंजाबी के साथ सुदेश बेरी 'शक्ति अस्तित्व के अहसास की' में भी नजर आए। इस किरदार को लोगों का बेशुमार प्यार मिला और ये भी आइकॉनिक बना। आखिरी बार वो 'पूर्णिमा' नाम के टीवी शो में नजर आए थे।
सोशल मीडिया पर रहते हैं एक्टिव
बता दें, सुदेश बेरी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं और वो अपनी लाइफ और करियर अपडेट साझा करते रहते हैं। हाल ही में उन्हें एक इवेंट में भी स्पॉट किया गया, जिसके बाद से फैंस कयास लगा रहे हैं कि क्या मथुरा दास अपकमिंग फिल्म 'बॉर्डर 2' का भी हिस्सा हैं। वैसे ये तो फिल्म रिलीज के बाद ही पता चलेगा। सुदेश अब भी काफी फिट हैं और 65 साल की उम्र में भी लगातार काम कर रहे हैं।
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