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Good News: 95% असरदार पाई गई Pfizer की Coronavirus Vaccine, बुजुर्गों पर भी करेगी काम

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Nov 18, 2020 07:25 pm IST,  Updated : Nov 18, 2020 10:55 pm IST

दुनिया के कई देशों में कोरोना वैक्सीन के ट्रायल चल रहे हैं। अब एक अच्छी खबर आई है। दरअसल, फार्मा कंपनी Pfizer Inc को बेहद उत्साहजनक नतीजे मिले हैं।

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Good News: 95% असरदार पाई गई Pfizer की Coronavirus Vaccine, बुजुर्गों पर भी करेगी काम Image Source : AP

नई दिल्ली/वॉशिंगटन: पूरी दुनिया कोरोना महामारी का सामना कर रही है। भारत में कोरोना मामलों की संख्या कुछ कम तो जरूर हुई है लेकिन बड़ी संख्या में कोरोना मरीज अभी भी सामने आ रहे हैं। ऐसे हालातों में सभी को कोरोना वैक्सीन के आने का इंतजार है। दुनिया के कई देशों में कोरोना वैक्सीन के ट्रायल चल रहे हैं। अब एक अच्छी खबर आई है। दरअसल, फार्मा कंपनी Pfizer Inc को बेहद उत्साहजनक नतीजे मिले हैं। Pfizer Inc का कहा है कि कंपनी द्वारा बनाई गई वैक्सीन 95% तक असरदार है।

अमेरिकी कंपनी और पार्टनर BioNTech SE ने कहा है कि उनकी वैक्सीन हर उम्र और समुदाय के लोगों को सुरक्षा प्रदान करेगी। वैक्सीन की सुरक्षा के मद्देनजर कोई गंभीर समस्या सामने नहीं आई है। कंपनी इसके लिए FDA (फूड ऐंड ड्रग ऐडमिनिस्ट्रेशन) से इजाजत भी मांगने वाली है। कंपनी के अनुसार, वैक्सीन ने अमेरिका के FDA (फूड ऐंड ड्रग ऐडमिनिस्ट्रेशन) से इमर्जेंसी में इस्तेमाल की इजाजत (EUA) हासिल करने के लिए मानक को पार कर लिया है।

Pfizer की mRNA आधारित वैक्सीन BNT162b2 के क्लिनिकल ट्रायल के फाइनल अनैलेसिस के डेटा में यह सफलता हासिल हुई है। गौरतलब है कि वैक्सीन का ट्रायल 44 हजार लोगों पर किया गया था। डेटा के अनुसार, 170 वॉलंटिअर्स को COVID-19 हुआ। इनमें से 8 लोगों को वैक्सीन दी गई और 162 को प्लसीबो दिया गया। वैक्सीन ने बीमारी की गंभीरता को कम किया जबकि प्लीसीबो ने ऐसा नहीं किया। प्लीसीबो समूह के 10 में से 9 लोगों को गंभीर बीमारी हुई।

डेटा में बताया गया है कि 65 साल की उम्र से ज्यादा के लोगों पर वैक्सीन 94% से ज्यादा असरदार पाई गई है। वहीं, जिन लोगों को वैक्सीन दी गई थी उनमें कोई खास साइड इफेक्ट नहीं पाए गए, वैक्सीन ने अच्छा असर दिखाया। दूसरी खुराक के बाद 3.7% वॉलंटिअर्स में ज्यादा थकान की समस्या देखी गई। वर्तमान अनुमान के आधार पर कंपनियों को उम्मीद है कि वह वैश्विक स्तर पर 2020 तक टीके की पांच करोड़ खुराक का उत्पादन कर लेंगी और 2021 के अंत तक यह उत्पादन एक सौ तीस करोड़ खुराक तक पहुंच सकता है। 

फाइजर के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ अल्बर्ट बुर्ला ने कहा, “इस अध्ययन के नतीजों से आठ महीने की यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव आया है। हम इस घातक महामारी का अंत करने के लिए टीके के निर्माण में लगे हैं। हम विज्ञान की गति से चल रहे हैं और अब तक एकत्र किये गए सभी आंकड़ों को विश्व भर के नियामकों से साझा कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “प्रतिदिन दुनिया में सैकड़ों लोग संक्रमित हो रहे हैं और हमें तत्काल एक प्रभावी टीके की आवश्यकता है।”

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