America Attack Venezuela: अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला किया है। यूएस आर्मी ने सिर्फ हमला ही नहीं किया बल्कि राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ कर अमेरिका ले जाया गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका में मादुरो के खिलाफ मुकदमा चलेगा। सत्ता हस्तांतरण होने तक अमेरिका वेनेजुएला का प्रशासन चलाएगा। अमेरिका की इस सैन्य कार्रवाई को लेकर दुनिया भर से प्रतिक्रिया देखने को मिली है। इस पूरी खबर पर ताजा अपडेट्स जानने के लिए इंडिया टीवी की डिजिटल टीम के साथ जुड़े रहें।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर वेनेजुएला में चलाए गए अभियान के परिणामस्वरूप राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़कर अमेरिका ले जाए जाने के बाद ब्रिटेन ने रविवार को वेनेजुएला में सत्ता के सुरक्षित और शांतिपूर्ण हस्तांतरण का आह्वान किया। प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर ने कहा कि ब्रिटेन लंबे समय से मादुरो की कार्रवाइयों का विरोध कर रहा था और हमलों के बारे में पूरी जानकारी का इंतजार कर रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति अपना समर्थन दोहराया, लेकिन तेजी से बदलती स्थिति को लेकर ट्रंप की कार्रवाई पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया।
वेनेजुएला की विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो ने US सेना द्वारा मादुरो को पकड़े जाने के बाद वेनेजुएला में सभी राजनीतिक कैदियों को रिहा करने की मांग की। इस मांग का समर्थन फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने किया, जिन्होंने कहा कि "सभी वेनेजुएलावासियों की तरह, वह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक बदलाव के पक्ष में अपनी आवाज़ उठाने के लिए फ्रांस के समर्थन पर भरोसा कर सकती हैं, जो वेनेजुएला के लोगों की संप्रभु इच्छा का पूरी तरह से सम्मान करता है।"
उत्तर कोरिया ने वेनेजुएला पर अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए उसे "संप्रभुता का सबसे गंभीर उल्लंघन" बताया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इन हमलों की निंदा करते हुए उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका के "दुष्ट और क्रूर स्वभाव" का एक और सबूत बताया। कोरियन सेंट्रल न्यूज़ एजेंसी (KCNA) ने यह जानकारी दी।
न्यूयॉर्क के जिस डिटेंशन सेंटर के अंदर मादुरो को रखा गया है वह काफी मुश्किल जगह है। मादुरो राष्ट्रपति के तौर पर एक लग्जरी जिंदगी जीते रहे हैं, लेकिन न्यूयॉर्क शहर के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर (MDC) में भेज दिया गया है। इस सेंटर को कैदियों की हिंसा और बिजली कटौती के लिए जाना जाता है।
वेनेजुएला पर अमेरिका की कार्रवाई के बाद साउथ फ्लोरिडा में जश्न मनाने के लिए लोग सड़कों पर उतर आए। आजादी के नारे लगाए और अपने कंधों पर वेनेज़ुएला के झंडे डाले। लोग निकोलस मादुरो को पकड़ने और उन्हें देश से हटाने के अमेरिकी मिलिट्री ऑपरेशन का जश्न मना रहे थे। लोगों ने कहा कि उन्हें इस पल का लंबे समय से इंतजार था।
जिस वक्त अमेरिकी फोर्स वेनेजुएला में ऑपरेशन को अंजाम दे रही थी उस वक्त राष्ट्रपति ट्रंप, विदेश मंत्री मार्को रूबियो और सेना अफसर वॉर रूम में मौजूद थे। वेनेजुएला पर अटैक का प्लान अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप के कई महीनों पहले बना लिया था। ऑपरेशन की महीनों तक रिहर्सल की गई थी। अमेरिकी सेना को ये तक पता था कि मादुरो क्या खाते हैं, कहां रहते हैं, उनके पालतू जानवर कौन से हैं और वो कैसे कपड़े पहनते हैं। इसके लिए मादुरो के घर जैसा नकली भवन बनाकर अभ्यास किया गया था।
निकोलस मादुरो को USA द्वारा पकड़े जाने पर, विदेश मामलों के एक्सपर्ट, रोबिंदर सचदेव ने कहा, "अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला और मादुरो को पकड़ना और किडनैप करना अभूतपूर्व है और ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। अमेरिका ने जिस तरह का मिलिट्री ऑपरेशन किया है, वह एक शानदार सफलता है जिसे बिना किसी गलती के अंजाम दिया गया। ट्रंप इसे वेनेजुएला पर मिलिट्री हमला नहीं बता रहे हैं, बल्कि इसे अमेरिका की कानून लागू करने वाली कार्रवाई बता रहे हैं, जिसमें एक देश में जाकर एक अपराधी को पकड़ा गया है। ट्रंप को किसी देश पर हमला करने के लिए US कांग्रेस से मंजूरी लेना जरूरी है। इस मामले में, उन्होंने US कांग्रेस से कोई मंजूरी नहीं ली है क्योंकि वह इसे कानून लागू करने वाली एजेंसियों द्वारा एक अपराधी ड्रग तस्कर को वापस लाने के कदम के तौर पर पेश कर रहे हैं। मादुरो पर न्यूयॉर्क में आरोप लगेंगे। उनकी पत्नी को भी किडनैप कर लिया गया है। उनकी पत्नी को किडनैप करने का कारण यह है कि वह वेनेजुएला की संसद की सदस्य भी हैं। वह एक समझदार महिला हैं और मादुरो के पीछे का दिमाग वही हैं।"
वेनेजुएला में एयर स्ट्राइक के बाद गिरफ्तार किए गए निकोलस मादुरो को न्यूयॉर्क के हाई सिक्योर डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। इससे पहले मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया को अमेरिका लाया गया था। अमेरिकी सेना का विमान न्यूयॉर्क के स्टुअर्ट एयर नेशनल गार्ड बेस पर उतरा। एयरपोर्ट पर अमेरिकी जवानों ने मादुरो को FBI के अफसरों को सौंप दिया है। जिस वक्त मादुरो को प्लेन से उतारा गया वो नीले रंग की जैकेट में थे, उनके हाथों में हथकड़ी थी। इस दौरान वे लंगड़ाते हुए दिखे। इसके बाद मादुरो को न्यूयॉर्क सिटी के मैनहैटन ले जाया गया जहां उनकी मेडिकल जांच की गई। मादुरो को ब्रुकलिन के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है जहां अगले हफ्ते मैनहैटन की फेडरल कोर्ट में उन पर ड्रग्स और हथियार तस्करी से जुड़े मामलों में मुकदमा चलाया जाएगा।
वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को न्यूयॉर्क में ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) के सेल में लाया गया।
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने तनाव कम करने और जिम्मेदारीपूर्ण रवैये की अपील करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के घोषणा पत्र के सिद्धांतों का सम्मान किया जाना चाहिए। अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली ने अमेरका के कदम का समर्थन किया है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि उनका देश इस अमेरिकी कार्रवाई में शामिल नहीं था और वह राष्ट्रपति ट्रंप से इस बारे में और जानकारी लेंगे। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन किया जाना चाहिए, लेकिन पहले तथ्यों को स्पष्ट करना जरूरी है।
यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने कहा कि यूरोपीय संघ स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने तथा संयुक्त राष्ट्र के घोषणा पत्र का सम्मान करने का आग्रह किया।
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने इन घटनाओं को निंदा की और कहा कि यह वेनेजुएला की संप्रभुता पर अब तक का सबसे गंभीर प्रहार है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष एक बेहद खतरनाक उदाहरण है।
चीन ने अमेरिकी हमलों की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा, "वह एक संप्रभु देश और उसके राष्ट्रपति के खिलाफ अमेरिका की सैन्य कार्रवाई का कड़ा विरोध करता है।"
वेनेजुएला पर अमेरिका की कार्रवाई को लेकर वैश्विक स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। रूसी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका से अपनी कार्रवाई पर पुनर्विचार करने और एक संप्रभु देश के वैध रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को छोड़ देने का आग्रह किया है। मंत्रालय ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में कहा, "अमेरिका और वेनेजुएला के बीच मौजूद किसी भी मुद्दे का समाधान संवाद के जरिये किया जाना चाहिए।"
अमेरिका की पूर्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा, "वेनेजुएला में डोनाल्ड ट्रंप के कामों से अमेरिका ज्यादा सुरक्षित या मजबूत नहीं बनेगा। मादुरो एक क्रूर, गैर-कानूनी तानाशाह है, लेकिन इससे यह सच नहीं बदल जाता कि यह कार्रवाई गैर-कानूनी और नासमझी भरी थी। हमने यह फिल्म पहले भी देखी है। अमेरिकी परिवारों को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है। अमेरिकी लोग यह नहीं चाहते और वो झूठ सुनकर थक गए हैं।"
निकोलस मादुरो को बंधक बनाए जाने के बाद वेनेजुएला में नया अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त कर दिया गया है। वेनेजुएला की सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला लिया है। डेल्सी रोड्रिग्ज को वेनेजुएला का नया अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया गया है। डेल्सी रोड्रिग्ज अभी तक वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति के रूप में सेवाएं दे रही थीं।
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना ने न्यूयॉर्क लेकर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को राजधानी काराकास में अमेरिका के बड़े हमले में पकड़ा गया और उन पर न्यूयॉर्क में आपराधिक आरोप लगेंगे।
वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हमलों को न्यूयॉर्क के नए मेयर जोहरान ममदानी ने गलत बताया है। उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले की आलोचना करते हुए कहा ''मुझे आज सुबह वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिकी सेना द्वारा हिरासत में लिए जाने और न्यूयॉर्क शहर में उन्हें संघीय हिरासत में रखने की योजना के बारे में जानकारी दी गई। किसी संप्रभु राष्ट्र पर एकतरफा हमला करना युद्ध की कार्रवाई है और यह संघीय एवं अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।''
वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिग्ज ने कहा है कि निकोलस मादुरो देश के वैध राष्ट्रपति हैं। रॉड्रिग्ज ने अमेरिका से मादुरो को छोड़ने की मांग करते हुए कहा कि उनका देश कभी किसी भी का उपनिवेश नहीं बनेगा। उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वेनेजुएला अपने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। रॉड्रिग्ज ने अमेरिका की कार्रवाई पर गहरी नाराजगी भी जताई है।
भारत सरकार ने वेनेजुएला के मौजूदा हालात को देखते हुए नागरिकों के लिए एक जरूरी एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में भारतीय नागरिकों को वेनेजुएला की गैर जरूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी गई है। इसके अलावा जो भारतीय इस वक्त वेनेजुएला में मौजूद हैं, उन्हें बेहद सावधानी बरतने, अपनी आवाजाही सीमित रखने और राजधानी काराकास स्थित भारतीय दूतावास के साथ निरंतर संपर्क में रहने की सलाह दी गई है।
अमेरिका की ओर से वेनेजुएला पर की गई सैन्य कार्रवाई में आम नागरिक भी मारे गए हैं। NYT के मुताबिक, एक स्थानीय अधिकारी ने बताया कि वेनेजुएला पर अमेरिकी हवाई हमलों में कम से कम 40 लोग मारे गए हैं जिनमें सेना के जवान और आम नागरिक शामिल हैं।
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने वेनेजुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर चिंता जताई है। महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि यह घटनाक्रम खतरनाक मिसाल कायम करता है और पूरे इलाके के लिए इनके नतीजे चिंताजनक हो सकते हैं। गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने आधिकारिक बयान में इस बात पर कड़ा खेद जताया कि मौजूदा स्थिति में अंतरराष्ट्रीय नियमों और यूएन चार्टर के सिद्धांतों का सम्मान नहीं किया गया है।
अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला किया है। अमेरिकी सेनाएं वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर अमेरिका ले गई हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका वेनेज़ुएला को तब तक चलाएगा, जब तक कि विवेकपूर्ण सत्ता परिवर्तन नहीं हो जाता। हालांकि, उन्होंने इसकी कोई समयसीमा और विस्तृत कानूनी प्रक्रिया के बारे में जानकारी नहीं दी है।
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