Sunday, March 08, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अमेरिका
  4. America Pakistan News: पाकिस्तान में लोकतांत्रिक सिद्धांतों को शांतिपूर्ण तरीके से बरकार रखने का समर्थक अमेरिका : नेड प्राइस

America Pakistan News: पाकिस्तान में लोकतांत्रिक सिद्धांतों को शांतिपूर्ण तरीके से बरकार रखने का समर्थक अमेरिका : नेड प्राइस

Edited by: IndiaTV Hindi Desk Published : Apr 05, 2022 02:53 pm IST, Updated : Apr 05, 2022 02:53 pm IST

अमेरिका ने कहा, 'यह स्थिति दुनिया के हर देश में है। हम किसी राजनीतिक दल के ऊपर किसी अन्य दल का समर्थन नहीं करते। हम बड़े सिद्धांतों का समर्थन करते हैं, हम कानून के शासन तथा कानून के तहत समान न्याय के सिद्धांत का समर्थन करते हैं।'  

'अमेरिका पाकिस्तान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहा आरोप गलत'- India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO 'अमेरिका पाकिस्तान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहा आरोप गलत'

वाशिंगटन: अमेरिका ने कहा है कि वह पाकिस्तान में संवैधानिक और लोकतांत्रिक सिद्धांतों को शांतिपूर्ण तरीके से बरकार रखने का समर्थन करता है। विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'जैसा कि पिछले सप्ताह मैंने कहा था, हम पाकिस्तान में संवैधानिक और लोकतांत्रिक सिद्धांतों को शांतिपूर्ण तरीके से बरकरार रखने का समर्थन करते हैं।' प्राइस ने कहा, 'यह स्थिति दुनिया के हर देश में है। हम किसी राजनीतिक दल के ऊपर किसी अन्य दल का समर्थन नहीं करते। हम बड़े सिद्धांतों का समर्थन करते हैं, हम कानून के शासन तथा कानून के तहत समान न्याय के सिद्धांत का समर्थन करते हैं।'

प्राइस ने दोहराया कि इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है कि अमेरिका पाकिस्तान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है और उसने प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार को गिराने का प्रयास किया। हडसन इस्टीट्यूट में दक्षिण एशियाई विदेश नीति और रक्षा रणनीति की विशेषज्ञ अपर्णा पांडेय के अनुसार, इमरान द्वारा अमेरिकी प्रशासन पर आरोप लगाने वाला भाषण देने से अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में खटास आएगी। 

पांडेय ने पीटीआई-भाषा से कहा, 'इमरान की मर्जी नहीं चलने पर सब कुछ बर्बाद कर देने की उनकी फितरत से पाकिस्तान के विदेशी संबंधों को नुकसान होगा।' पांडेय ने एक सवाल के जवाब में कहा, 'इमरान खुद को पाकिस्तान के मसीहा के तौर पर देख रहे हैं और 30 मार्च को दिए उनके भाषण तथा तीन अप्रैल को उन्होंने जो किया उससे यह दिखाई पड़ रहा है। हालांकि, अपने घमंड के कारण वह यह स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि उनके पास पाकिस्तान की संसद और लोगों का समर्थन नहीं है।' इनपुट-भाषा

Latest World News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। US से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश

Advertisement
Advertisement
Advertisement