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अमेरिका और चीन के बीच विवाद बढ़ा, चीनी एयरलाइंस कंपनियों की उड़ानें बाधित

Edited by: IndiaTV Hindi Desk Published : Jan 22, 2022 11:40 am IST, Updated : Jan 22, 2022 11:40 am IST

अमेरिकी परिवहन विभाग के आदेश से चीन की चार विमानन कंपनियां प्रभावित होंगी। इससे कोविड-19 संबंधी प्रतिबंधों को लेकर दोनों देशों के बीच चल रहा पुराना विवाद और बढ़ गया है।

अमेरिका और चीन के बीच विवाद बढ़ा, चीनी एयरलाइंस कंपनियों की उड़ानें बाधित - India TV Hindi
Image Source : PTI अमेरिका और चीन के बीच विवाद बढ़ा, चीनी एयरलाइंस कंपनियों की उड़ानें बाधित 

Highlights

  • अमेरिका ने चीनी विमानन कंपनियों की 44 उड़ानें बाधित कर दी
  • चीन की चार विमानन कंपनियां प्रभावित होंगी

वाशिंगटन: चीन द्वारा अमेरिकी विमानन कंपनियों की उड़ानों को रद्द किए जाने का दबाव बनाए जाने के जवाब में अमेरिका ने चीनी विमानन कंपनियों की 44 उड़ानें बाधित कर दी हैं। अमेरिकी परिवहन विभाग के शुक्रवार के आदेश से चीन की चार विमानन कंपनियां प्रभावित होंगी। इससे कोविड-19 संबंधी प्रतिबंधों को लेकर दोनों देशों के बीच चल रहा पुराना विवाद और बढ़ गया है। 

चीन ने डेल्टा एयरलाइंस, यूनाइटेड एयरलाइंस और अमेरिकन एयरलाइंस के कुछ यात्रियों के वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद इन विमानन कंपनियों की उड़ानों के देश में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया। अमेरिका ने कहा है कि चीन के कदमों ने किसी अन्य देश की विमानन कंपनियों की हर देश में पहुंच संबंधी संधि का उल्लंघन किया है। 

परिवहन विभाग ने कहा कि चीन का अमेरिकी विमानन कंपनियों की 44 उड़ान बाधित करने का फैसला ‘‘जनहित के विरुद्ध है और इसके खिलाफ विभाग को समान अनुपात में जवाबी कार्रवाई करने की आवश्यकता है।’’ अमेरिकी आदेश के तहत 30 जनवरी से 29 मार्च के बीच एयर चाइना, चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस, चाइना सदर्न एयरलाइंस और शियामेन एयरलाइंस की 44 उड़ान रद्द की जाएंगी।

 चीन ने अमेरिकी मिसाइल प्रतिबंधों की आलोचना की 

चीन ने उसकी कंपनियों पर अमेरिका द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने की आलोचना की है। अमेरिका ने कथित तौर पर मिसाइल प्रौद्योगिकी का निर्यात करने वाली चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया था जिसे लेकर चीन ने परमाणु-सक्षम क्रूज मिसाइलों को बेचने के लिए अमेरिका पर पाखंड का आरोप लगाया। अमेरिका ने तीन कंपनियों पर दंड की घोषणा की और कहा कि वे अनिर्दिष्ट “मिसाइल प्रौद्योगिकी प्रसार गतिविधियों” में शामिल थीं। उसने कहा कि उन्हें अमेरिकी बाजारों से और ऐसी तकनीक प्राप्त करने से रोक दिया गया है जिसका इस्तेमाल हथियार बनाने के लिए किया जा सकता है। 

इनपुट-भाषा

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