1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अमेरिका
  4. अमेजन नदी की चट्टानों ने पेश किया प्राचीन सभ्यता का एक और प्रमाण, जलस्तर घटने पर सामने आई हैरान करने वाली तस्वीर

अमेजन नदी की चट्टानों ने पेश किया प्राचीन सभ्यता का एक और प्रमाण, जलस्तर घटने पर सामने आई हैरान करने वाली तस्वीर

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Oct 25, 2023 11:34 pm IST,  Updated : Oct 26, 2023 06:23 am IST

अमेजन नदी का जलस्तर घटने से उसकी चट्टानों में मानवों के चेहरे जैसी आकृतियां मिलने से दुनिया भर के वैज्ञानिक हैरान हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि इन मानव चेहरों की नक्काशी अमेजन नदी के पत्थरों पर 2000 वर्ष तक पुरानी हो सकती है। यह प्राचीन मानव सभ्यताओं का एक और नया प्रमाण है।

अमेजन नदी के पत्थरों पर की गई मानव चेहरों की नक्काशी।- India TV Hindi
अमेजन नदी के पत्थरों पर की गई मानव चेहरों की नक्काशी। Image Source : FILE

दुनिया की जानी-मानी अमेजन नदी में इस बार कई जगहों पर सूखे की स्थिति है। इससे कई जगहों पर तेजी से अमेजन का जलस्तर घटा है। जलस्तर घटने से अमेजन नदी की चट्टानों के देखने के लिए भीड़ उमड़ रही है। हैरतअंगेज बात है कि अमेजन नदी की इन चट्टानों पर मानव चेहरों वाली सैकड़ों आकृतियां पाई गई हैं। वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि मानव चेहरों वाली ये आकृतियां 1000 से 2000 वर्ष या उससे भी पुरानी हो सकती हैं। यह चट्टाने अमेजन नदी के किनारे की हैं। यह प्राचीन मानव सभ्यताओं का एक और प्रमाण है। प्राचीन मानवों के इतिहास में अमेजन नदी के किनारों मनुष्यों की बस्ती होने के पहले भी कई प्रमाण मिल चुके हैं। 

अमेजन नदी की चट्टानों पर मिले ये प्राचीन मानव चेहरे और पत्थर पर उकेरी गई अन्य आकृतियां भी मिली हैं। यह सब अमेज़ॅन नदी के सूखने से ब्राजीलियाई क्षेत्र में उभरी हैं। यहां ऐतिहासिक सूखे के कारण जल स्तर रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। ऐसे में सैकड़ों वर्षों के इतिहास में किनारों वाली ये चट्टानें पहली बार मानवों को नजर आई हैं। पहले यह पानी से डूबी रहती थीं। मानवों के अलावा इन चट्टानों में जानवरों और अन्य प्राकृतिक रूपों को दर्शाने वाली नक्काशी रियो नीग्रो के तट पर पोंटो दास लाजेस नामक पुरातात्विक स्थल पर भी पाई गई है, जिसका अर्थ है "स्लैब का स्थान।"

शोधकर्ताओं ने कही ये बात

शोधकर्ताओं का अनुमान है कि ये निशान 1,000 से 2,000 साल पुराने हैं। पुरातत्ववेत्ता जैमे डी सैन्टाना ओलिवेरा ने सोमवार को एक साक्षात्कार में कहा ये निशान, प्रागैतिहासिक, या पूर्व-औपनिवेशिक काल के हो सकते हैं। हम उनकी सटीक तारीख नहीं बता सकते हैं, लेकिन क्षेत्र पर मानव कब्जे के साक्ष्य के आधार पर, हम मानते हैं कि वे लगभग 1,000 से 2,000 साल पुराने हैं।" उन्होंने कहा कि कुछ रॉक नक्काशी पहले देखी गई थी, लेकिन अब अधिक विविधता है जो शोधकर्ताओं को मानवों की उत्पत्ति स्थापित करने में मदद करेगी। एक क्षेत्र में मिली चट्टान में चिकने खांचे दिखाई देते हैं, ऐसा माना जाता है कि यहीं पर यूरोपीय लोगों के आने से बहुत पहले स्वदेशी निवासियों ने अपने तीर और भाले में धार लगाकर उन्हें पैने किए थे। ओलिवेरा ने कहा कि नक्काशी पहली बार 2010 में देखी गई थी, लेकिन इस साल का सूखा अधिक गंभीर है। 

15 मीटर तक गिरा अमेजन का जलस्तर

जुलाई के बाद से रियो नीग्रो 15 मीटर (49.2 फीट) नीचे गिर गया है, जिससे चट्टानों और रेत के विशाल विस्तार उजागर हो गए हैं, जहां कोई समुद्र तट नहीं था। ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण की देखरेख करने वाले राष्ट्रीय ऐतिहासिक और कलात्मक विरासत संस्थान (आईपीएचएएन) के लिए काम करने वाले ओलिवेरा ने कहा, "इस बार हमें न केवल अधिक नक्काशी मिली ,बल्कि चट्टान में उकेरी गई एक मानव चेहरे की मूर्ति भी मिली।" इससे प्राचीन मानव सभ्यताओं को और विस्तार से समझने में मदद मिलेगी। 

यह भी पढ़ें

पीएम मोदी के आह्वान पर सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भारत की पहली बड़ी छलांग, जापान के साथ किया ये बड़ा समझौता

समुद्र के रास्ते इजरायल में घुसपैठ कर रहे थे 2 हमास आतंकी, इजरायली सेना ने पानी में ही कर दिया खल्लास; देखें वीडियो

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। US से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश