Wednesday, March 11, 2026
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इस क्षेत्र में "चीन का गुलाम" बन चुका है अमेरिका, अब भारत से दोस्ती के बाद USA को जगी आजादी की आस

Edited By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia Published : Aug 27, 2023 01:55 pm IST, Updated : Aug 27, 2023 01:55 pm IST

’ रामास्वामी के दो बेटे कार्तिक (तीन) और अर्जुन (एक) हैं। उन्होंने उनके परिवार के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘वे (रामास्वामी के बेटे) हमारी इस यात्रा को लेकर वास्तव में उत्साहित हैं। कार्तिक कह सकता है कि उसके पिता राष्ट्रपति चुनाव की उम्मीदवारी की दौड़ में शामिल हैं। मैं नहीं जानता कि क्या उसे इस बात की समझ है।

अमेरिका और चीन का झंडा (प्रतीकात्मक)- India TV Hindi
Image Source : AP अमेरिका और चीन का झंडा (प्रतीकात्मक)

क्या अमेरिका भी किसी मायने में चीन का गुलाम हो सकता है, शायद नहीं...मगर आपका सोचना गलत है, क्योंकि यूएसए भी चीन का एक क्षेत्र में गुलाम है। यह गुलामी अलग प्रकार की है। अमेरिकी राजनेता और विशेषज्ञ भी मानते हैं कि अमेरिका चीन का आर्थिक गुलाम बन चुका है। यानि अमेरिका की अर्थव्यवस्था चीन के सहारे चल रही है। इसकी वजह है कि अमेरिका ने चीन में बहुत बड़ा निवेश कर रखा है। ऐसे में चीन के साथ उसकी दुश्मनी से उसे नुकसान अधिक होने की आशंका है। मगर अब अमेरिका शायद न सिर्फ इस नुकसान से बच सकेगा, बल्कि चीन से उसे आर्थिक आजादी भी मिल सकेगी। यह बात हम नहीं कह रहे, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव-2024 के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी ने कही है। रामास्वामी का मानना है कि भारत के साथ मजबूत संबंध अमेरिका को चीन से आर्थिक ‘‘स्वतंत्रता’’ दिलाने करने में मदद करेंगे।

रामास्वामी ने अंडमान सागर में सैन्य संबंध समेत भारत के साथ मजबूत रणनीतिक संबंधों की भी वकालत की। रामास्वामी (38) राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की दौड़ में शामिल रिपब्लिकन पार्टी के सबसे कम आयु के दावेदार हैं। वह इस समय आयोवा की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। आयोवा में राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार चुनने के वास्ते प्राइमरी चुनाव की प्रक्रिया 15 जुलाई से शुरू होगी। रामास्वामी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से साक्षात्कार में कहा, ‘‘अमेरिका और भारत के मजबूत संबंध चीन से स्वतंत्रता घोषित करने में मददगार हो सकते हैं। अमेरिका आज चीन पर आर्थिक रूप से निर्भर है, लेकिन भारत के साथ मजबूत संबंधों की मदद से चीनी संबंधों से आजादी घोषित करना आसान हो जाएगा।’

अमेरिका को भारत के साथ रखना चाहिए मजबूत संबंध

अमेरिका को अंडमान सागर में सैन्य संबंध समेत भारत के साथ मजबूत रणनीतिक संबंध भी रखने चाहिए। यदि आवश्यक हुआ तो भारत मलक्का जलडमरूमध्य को अवरुद्ध कर सकता है, जहां से वास्तव में चीन को अधिकतर पश्चिम एशियाई तेल की आपूर्ति मिलती है। इसलिए अमेरिका-भारत संबंधों में ये सुधार के वास्तविक क्षेत्र हैं।’’ रामास्वामी ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह अमेरिका के लिए अच्छा होगा और यही कारण है कि मैं इसे ध्यान में रखकर नेतृत्व करूंगा।’’ अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी का उम्मीदवार बनने के दावेदारों की पहली बहस में प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद अरबपति भारतीय-अमेरिकी उद्यमी रामास्वामी की लोकप्रियता में बढ़ोतरी हुई है। उन्हें लोकप्रियता रेटिंग संबंधी सर्वेक्षणों में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बाद दूसरा स्थान मिला है।

पीएम मोदी को बताया अच्छा नेता

भारतीय मीडिया के साथ पहले संवाद में रामास्वामी भारत और अमेरिका के बढ़ते संबंधों के मजबूत समर्थक नजर आए। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि वह (प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी) भारत के लिए एक अच्छे नेता रहे हैं और मैं भारत एवं अमेरिका के संबंधों को और मजबूत करने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने को लेकर उत्साहित हूं।’’ रामास्वामी ने कहा, ‘‘अमेरिकी विदेश नीति की प्रमुख चुनौती यह है कि हम मातृभूमि की रक्षा नहीं कर रहे। हम ऐसे युद्ध लड़ रहे हैं, जो अमेरिकी हितों को आगे नहीं बढ़ाते और हम मातृभूमि को वास्तव में असुरक्षित बना रहे हैं, इसलिए मुझे लगता है कि यूक्रेन में संलिप्तता जारी रखना अमेरिका के लिए एक गलती है। इससे अमेरिका के राष्ट्रीय हित नहीं पूरे होते।’’ रामास्वामी ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इसके विपरीत इससे वैश्विक मंच पर अमेरिकी विश्वसनीयता को वास्तव में नुकसान होगा। अमेरिका को कम्युनिस्ट चीन पर ध्यान देने की जरूरत है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह सबसे बड़ा खतरा है। सीमा पर रक्षा क्षमताएं बढ़ाने के साथ मातृभूमि की रक्षा करना घरेलू स्तर पर सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। (भाषा)

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