पटना: बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राष्ट्रीय जनता दल को एक बड़ा झटका लगा है। पार्टी की राज्य महिला प्रकोष्ठ की पूर्व प्रमुख प्रतिमा कुशवाहा ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। बीजेपी में शामिल होने के बाद प्रतिमा कुशवाहा ने आरोप लगाया कि RJD में जमीनी कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं मिलता और यह विपक्षी पार्टी ‘गंभीर रूप से बंटी हुई’ है। बीजेपी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कुशवाहा को पार्टी की सदस्यता दिलाई।
जायसवाल ने कहा कि RJD और कांग्रेस में ‘वंशवाद और परिवारवाद’ इस कदर हावी है कि उनके नेता खुद को हताश महसूस कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया, ‘इसी वजह से कई नेता BJP में शामिल हो रहे हैं।' जायसवाल ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में इस बार NDA दो-तिहाई बहुमत के साथ बिहार में सरकार बनाएगा। RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के कामकाज के तौर-तरीकों का उल्लेख करते हुए प्रतिमा कुशवाहा ने कहा कि पार्टी अब वैसी नहीं रही जैसी पहले हुआ करती थी। उन्होंने आरोप लगाया, ‘RJD में जमीनी नेताओं का सम्मान नहीं होता। पार्टी और उसका नेतृत्व करने वाला परिवार, दोनों ही बुरी तरह बंट चुके हैं।’
प्रतिमा कुशवाहा ने यह भी आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री रहते हुए तेजस्वी यादव ने युवाओं को नौकरी देने का दावा किया था,'लेकिन RJD ने नौकरी तो दी, पर लोगों की जमीन लेकर।’ यह टिप्पणी कथित घोटाले ‘जमीन के बदले नौकरी’ की ओर इशारा थी। तेजस्वी पर आरक्षण संबंधी दावों को लेकर तंज करते हुए कुशवाहा ने कहा, ‘उन्होंने सिर्फ अपने परिवार को आरक्षण दिया है। असली आरक्षण महिलाओं और पिछड़े वर्गों को NDA सरकार ने दिया है।’
माना जा रहा है कि प्रतिमा कुशवाहा के बीजेपी में जाने से RJD को बड़ा झटका लगेगा क्योंकि उन्हें जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ रखने वाली नेता माना जाता है। कुशवाहा पिछड़े वर्गों और महिलाओं के मुद्दों पर सक्रिय रही हैं, जिससे RJD को विपक्षी गठबंधन महागठबंधन में महिला वोटरों को जोड़ने में मदद मिलती रही। बीजेपी में उनका जाना पार्टी के अन्य असंतुष्ट नेताओं को भी प्रेरित कर सकता है। दूसरी ओर, BJP को इससे फायदा हो सकता है क्योंकि प्रतिमा जैसे स्थानीय नेता से पार्टी को पिछड़े वर्गों और महिलाओं के बीच अपनी पैठ मजबूत करने का मौका मिलेगा।
बिहार में 243 सीटों वाली विधानसभा के चुनाव दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को होंगे, जबकि वोटों की गिनती 14 नवंबर को होगी। मुख्य मुकाबला सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) जिसमें BJP, JD(U), LJP (राम विलास) आदि शामिल हैं, और विपक्षी महागठबंधन जिसमें RJD, कांग्रेस, वाम दल और VIP आदि हैं, के बीच माना जा रहा है। NDA सत्ता बरकरार रखने की कोशिश में है, जबकि महागठबंधन सरकार बदलने की पूरी कोशिश कर रही है। तीसरी ताकत के रूप में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी मैदान में है।
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