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RRB-NTPC: रेल मंत्री ने कहा-कानून ​हाथ में न लें छात्र, शिकायतों के लिए गठित की है कमेटी

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jan 26, 2022 05:17 pm IST,  Updated : Jan 26, 2022 06:30 pm IST

RRB-NTPC:रेल भर्ती परीक्षा में हुई अनियमितता को लेकर छात्रों के प्रदर्शन के बाद केंद्रीय रेल मंत्री का बयान आया है। अपने बयान में उन्होंने छात्रों से कानून हाथ में न लेने आग्रह किया है। साथ ही आश्वासन देते हुए कहा कि छात्रों की शिकायतों को हम गंभीरता से देखेंगे।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव- India TV Hindi
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव Image Source : ANI

Highlights

  • छात्रों की शिकायतों को एकत्र करके कमेटी के पास भेजा जाएगा
  • रेल मंत्री ने दिया आश्वासन, कहा- छात्रों की शिकायतों को हम गंभीरता से देखेंगे
  • छात्रों से रेलवे की संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने का किया आग्रह

RRB-NTPC:रेल भर्ती परीक्षा में हुई अनियमितता को लेकर छात्रों के प्रदर्शन के बाद केंद्रीय रेल मंत्री का बयान आया है। अपने बयान में उन्होंने छात्रों से कानून हाथ में न लेने आग्रह किया है। साथ ही आश्वासन देते हुए कहा कि छात्रों की शिकायतों को हम गंभीरता से देखेंगे।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मैं अपने छात्र मित्रों से निवेदन करना चाहूंगा कि रेलवे आपकी संपत्ति है, आप अपनी संपत्ति को संभालकर रखें। आपकी जो शिकायतें और जो बिंदू अब तक उभर कर आए हैं उन सबको हम गंभीरता से देखेंगे। उन्होंने कहा कि कोई भी छात्र कानून को हाथ में न लें। केंद्रीय रेल मंत्री ने कहा कि कुछ लोग इसका गलत फायदा उठा रहे हैं, मैं उनसे निवेदन करूंगा कि छात्रों को भ्रमित न करें। ये छात्रों, देश का मामला है, इसको हमें संवेदनशीलता से लेना चाहिए। केंद्रीय रेल मंत्री ने बताया ​कि रेलवे भर्ती बोर्ड के चेयरमैन से कहा गया है कि वे विद्यार्थियों की शिकायतों को सुनें। छात्रों की शिकायतों को एकत्र करके कमेटी के पास भेजा जाएगा। यह कमेटी देश से पात्र छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से सुनेगी।

गौरतलब है कि गया में रेल भर्ती (RRB-NTPC) में अनियमितताएं को लेकर छात्रों ने बुधवार को प्रदर्शन किया। इनमें से कुछ प्रदर्शनकारी छात्रों ने विरोधस्वरूप ट्रेन के डिब्बों में आग लगा दी। इसके बाद रेलवे ने एक कमेटी का गठन किया, जो जांच करेगी। वहीं रेल मंत्रालय ने छात्रों के आंदोलन को देखते हुए रेलवे की दोनों परीक्षाओं एनटीपीएस और लेवल-1 पर फिलहाल रोक लगा दी है। रेल मंत्रालय ने एक समिति गठित की है जो परीक्षा में पास आउट स्टूडेंट और फेल किए गए स्टूडेंट की बातों को सुनेंगे। इसके बाद इसकी रिपोर्ट रेल मंत्रालय को सौपेंगी। गौरतलब है कि हाल ही में जारी किए गए RRB-NTPC के रिजल्ट के खिलाफ छात्रों में काफी आक्रोश है। इन छात्रों ने रिजल्ट में धांधली का आरोप लगाया है और हजारों की संख्या में अभ्यर्थी एकजुट होकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। 

NTPC रिजल्ट का क्यों छात्र कर रहे हैं विरोध

दरअसल,  रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) द्वारा एनटीपीसी भर्ती सीबीटी-1 परीक्षा के परिणाम 14-15 जनवरी को जारी किए गए थे। परीक्षा में एक करोड़ से अधिक उम्मीदवार पंजीकृत हैं। इस परिणाम के आधार पर उम्मीदवारों को सीबीटी -2 यानी दूसरे चरण II परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाना है।

उम्मीदवारों का आरोप है कि आरआरबी एनटीपीसी रिजल्ट में धांधली की गई है। छात्रों का कहना है कि आरआरबी एनटीपीसी भर्ती अधिसूचना के मुताबिक, सीबीटी-1 सिर्फ एक स्क्रीनिंग टेस्ट है। इसके अंक मुख्य परीक्षा में नहीं जोड़े जाएंगे। इसके अलावा, आरआरबी को क्षेत्रवार कुल पदों के 20 गुना योग्य उम्मीदवारों की घोषणा करनी थी। लेकिन, आरआरबी द्वारा विभिन्न स्लॉट में पदों की संख्या को देखते हुए, उम्मीदवारों को प्रत्येक स्लॉट के लिए अलग से 20 गुना योग्य घोषित किया गया है।

गौरतलब है कि देशभर में 35 हजार पदों के लिए आरआरबी एनटीपीसी भर्ती के लिए चयन प्रक्रिया शुरू करने के लिए रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा 2019 में अधिसूचना जारी की गई थी। इस भर्ती में विभिन्न ग्रेड की 13 रिक्तियां हैं, जिन्हें सात स्लॉट में विभाजित किया गया है। इसमें सीबीटी-1 और सीबीटी-2 परीक्षा के माध्यम से दो चरणों के लिए क्रमश: 20 और 8 गुना अभ्यर्थियों को पास करने का प्रस्ताव था। हालांकि, नोटिफिकेशन में आरआरबी इस बात का उल्लेख कर चुका था कि इसे जरूरत के हिसाब से बढ़ाया या घटाया जा सकता है।

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