रायपुर: यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की अगुवाई वाली बहुजन समाज पार्टी ने अगले महीने होने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए 17 उम्मीदवारों की अपनी दूसरी लिस्ट जारी कर दी है। पार्टी के एक पदाधिकारी ने मंगलवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के निर्देश पर 17 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की गई है। बता दें कि कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव 2 चरणों में 7 और 17 नवंबर को होंगे जबकि मतगणना 3 दिसंबर को होगी।
भटगांव से नरेंद्र साहू को मिला टिकट
बीएसपी के नेताओं ने लिस्ट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इसमें एक महिला उम्मीदवार का नाम भी शामिल है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत पोयाम ने बताया कि अब तक 26 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी गई है। BSP ने जिन 17 सीटों के लिए नामों की घोषणा की है उनमें से 9 अनुसूचित जनजाति (ST) और 3 अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित हैं। लिस्ट के मुताबिक, पार्टी ने नरेंद्र साहू (भटगांव सीट), इन्नोसेंट कुजूर (पत्थलगांव- ST), नारायण रत्नाकर (सारंगढ़ - SC), सत्यवती राठिया (धरमजयगढ़- ST) को चुनावी मैदान में उतारा है।
बस्तर से रामधर बघेल ठोकेंगे ताल
इसके अलावा जगतराम राठिया (रामपुर- ST), जयनारायण किशोर (सरायपाली - SC), सुफल साहू (खल्लारी), लालचंद पटेल (कुरुद), चैतराम राज (पंडरिया), बहादुर कुर्रे (डोंगरगढ़-SC), जालम सिंह जुर्री (भानुप्रतापपुर- ST), दिनेश कुमार मरकाम (केशकाल- ST), गिरधर नेताम (कोंडागांव- ST), रामधर बघेल (बस्तर- ST), संपत कश्यप (जगदलपुर), अजय कुड़ियाम (बीजापुर- ST) और मसा मड़कामी (कोंटा) पर भी भरोसा जताया गया है। बसपा ने गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (GGP) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
53 सीटों पर चुनाव लड़ रही है बसपा
सीट बंटवारे को लेकर हुए समझौते के मुताबिक, 90 विधानसभा सीटों में से बसपा 53 और GGP 37 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। पिछले विधानसभा चुनाव में बीएसपी ने जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (J) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था और 3.87 फीसदी वोट पाकर जैजैपुर और पामगढ़ की सीटें जीती थीं। बीएसपी के गठबंधन सहयोगी JCC (J) को 7.6 प्रतिशत वोट मिले और 5 सीटें जीती थीं। GGP ने 2018 में 38 सीटों पर चुनाव लड़ा था और कोई सीट नहीं जीत पाई थी।
कांग्रेस को चोट पहुंचाएगा यह गठबंधन!
पिछले चुनावों में GGP का क्या हाल रहा था इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 36 सीटों पर पार्टी के उम्मीदवारों ने अपनी जमानत भी खो दी थी। पिछले चुनाव में GGP 1.73 फीसदी वोट मिले थे। बीएसपी का मध्य छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति की आबादी के बीच काफी प्रभाव है। GGP को बिलासपुर और सरगुजा क्षेत्र के कुछ आदिवासी बहुल हिस्सों में समर्थन प्राप्त है। राजनीति के जानकारों के अनुसार, BSP और GGP सत्ताधारी दल कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगा सकते हैं।
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