भारत की आईटी राजधानी बेंगलुरु से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आ रही है। यहां एक महिला के साथ कुछ लोगों ने अभद्रता की साथ ही उसे ब्लैकमेल करने की भी कोशिश की। बेंगलुरु में रहने वाले एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पत्नी के साथ घटी एक खौफनाक घटना शेयर की। शख्स ने लिखा कि उसकी पत्नी की कार का कुछ लोगों ने पीछा किया था। अब इस घटना ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है और यूजर्स अपने-अपने अनुभव साझा कर रहे हैं।
एक्स पोस्ट में, सृजन आर शेट्टी नाम के यूजन ने लिखा, "मैंने बेंगलुरु में कभी भी असुरक्षित महसूस नहीं किया। मैं कन्नड़ भाषी होने के नाते अपने विशेषाधिकार को जानता हूं, लेकिन पिछले गुरुवार की रात मुझे महसूस हुआ कि रात 10 बजे के बाद शहर के कुछ हिस्से कितने असुरक्षित हैं।" मैंने अक्सर सरजापुर में फर्जी दुर्घटनाओं के वे भयानक वीडियो देखे हैं जहां रात को गुंडों ने कार में लोगों को ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी।"
उन्होंने आगे कहा, " 8 नवंबर को, मेरी पत्नी ने यह देखते हुए कि सरजापुर से कैब मिलना मुश्किल है, अपने कुछ अन्य सहकर्मियों (2 महिलाएं, एक पुरुष) को छोड़ने की पेशकश की। इस दौरान जब वह छोड़ने गई तो कुछ किलोमीटर तक कुछ लोगों ने उनकी कार का पीछा किया। पर वह इतनी चालाक थी कि वह केवल मेन रोड पर रुकी और जितनी जल्दी हो सकता उसने पुलिस को जानकारी दी।"
शेट्टी ने कहा कि उन लोगों ने कार रोक कर उसमें बैठे लोगों को नीचे उतरने के लिए भी कहा, लेकिन मेरी पत्नी ने उनकी बात नहीं मानीं। उन्होने आगे यह भी कहा कि कार में कुछ टेम्पो चालकों ने टक्कर भी मार दी थी, जिससे महिला और उनके साथियों पर नीचे उतर जाएं। "पर, वहां खड़े भीड़ में से किसी ने भी कार में सवार 3 महिलाओं और 1 पुरुष की मदद नहीं की।" फिर प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करते हुए, शेट्टी की पत्नी ने मुख्य सड़क पर गाड़ी रोकी और तुरंत पुलिस को जानकारी दी।
शेट्टी ने आगे कहा, "अगर पुलिस को बुलाने और फिर हमें और अपने 10 दोस्तों को तुरंत अपने स्थान पर बुलाने में उसकी बुद्धिमत्ता नहीं होती, तो ये घटना एक अलग मोड़ ले सकती थी। यह शहर इससे बेहतर का हकदार है; हमें सिक्योरिटी की जरूरत है। सरजापुर इन घटनाओं के लिए एक हॉटस्पॉट बन रहा है और हमें इस खतरे को रोकने के लिए एक समाधान निकालने की जरूरत है।" इस पोस्ट ने काफी लोगों का ध्यान अपनी खींचा और इस पर अन्य लोगों ने भी इसी तरह के अपने अनुभव शेयर किए।
एक यूजर ने लिखा, "मेरे साथ या दूसरों द्वारा लगभग 4-5 ऐसी ही घटनाएं घटी हैं। वही सिस्टम डैशकैम कुछ लोगों के बचाव में आया। कुछ लोगों के लिए, पुलिस स्टेशन जाकर घंटों बहस करने से कोई भी काम नहीं हुआ। लेकिन सड़कों पर ऐसी घटनाएं डराती हैं ख़ासकर देर रात में। सभी घटना में इस 'लोकल एंगल' का सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है।"
कुछ यूजर ने बेंगलुरु पुलिस को भी टैग किया और कमेंट करते हुए उस जगह के बारे में पूछा जहां घटना हुई थी। पुलिस ने रिप्लाई देते हुए एक्स पर कहा, "कृपया डीएम के माध्यम से उस क्षेत्र की जानकारी और अपना फोन नंबर दें।" बता दें कि बेंगलुरु में, हाल ही में इसी तरह की कई घटनाएं हुई हैं, जहां अपराधियों ने फर्जी घटनाओं या फर्जी वाहन दुर्घटना मामलों का उपयोग करके उनसे धन उगाही करने की कोशिश की है।
ये भी पढ़ें:
5 वर्षीय मासूम की दुष्कर्म के बाद कर दी थी हत्या, कोर्ट ने सुनाई मौत की सजा तो खून के आंसू रो पड़ा
संपादक की पसंद