आंध्र प्रदेश के कुर्नूल जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एक महिला डॉक्टर को एचआईवी का इंजेक्शन लगाने के आरोप में एक महिला सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित चिकित्सक आरोपी महिला के पूर्व प्रेमी की पत्नी है। उसने बताया कि आरोपियों की पहचान कुर्नूल निवासी बी. बोया वसुंधरा (34), अडोनी के एक निजी अस्पताल में नर्स पद पर कार्यरत कोंग ज्योति (40) और उनके दो बच्चों के रूप में हुई है।
शनिवार को हुई गिरफ्तारी
आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कहा, ‘तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर साजिश रचने और एक सड़क दुर्घटना का नाटक करने के बाद, वसुंधरा ने एक डॉक्टर को एचआईवी वायरस का इंजेक्शन लगाया, जो उसके पूर्व प्रेमी की पत्नी है।’
संक्रमित रक्त को रेफ्रिजरेटर में रखा था
पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने सरकारी अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों से एचआईवी संक्रमित रक्त के नमूने यह कहकर प्राप्त किए कि ये नमूने जांच के लिए आवश्यक हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी का दावा है कि उसने संक्रमित रक्त को एक रेफ्रिजरेटर में रखा था और बाद में हमले के दौरान उसी नमूने को पीड़ित के शरीर में इंजेक्शन के जरिए चढ़ा दिया था।
जानबूझकर की गई सड़क दुर्घटना
पुलिस ने कहा कि आरोपी इस तथ्य को स्वीकार नहीं कर पा रही थी कि उसके पूर्व प्रेमी ने दूसरी महिला से शादी कर ली है, इसलिए उसने दंपति को अलग करने की साजिश रची और जानबूझकर सड़क दुर्घटना के बाद पीड़िता की मदद करने का नाटक करते हुए उसे एचआईवी वायरस का इंजेक्शन लगा दिया।
मदद की बात कह कर लगाया HIV का इंजेक्शन
पुलिस के मुताबिक, यह घटना नौ जनवरी को अपराह्न लगभग 2.30 बजे घटी, जब कुर्नूल के एक निजी मेडिकल कॉलेज में सहायक प्रोफेसर पीड़िता भोजन करने के लिए स्कूटर से घर लौट रही थी। पुलिस ने बताया कि मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों ने विनायक घाट पर केसी नहर के पास जानबूझकर उसकी स्कूटर को टक्कर मारी, जिससे वह गिर गई और उसे चोटें आईं। इसके बाद आरोपी मदद की पेशकश के बहाने उसके पास पहुंचे।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने कहा कि वसुंधरा ने पीड़िता को ऑटो रिक्शा में ले जाने की कोशिश करते समय एचआईवी का इंजेक्शन लगाया और पीड़िता के शोर मचाने पर वह मौके से फरार हो गई। पीड़िता का पति भी डॉक्टर है और उसने 10 जनवरी को कुर्नूल तृतीय टाउन पुलिस थाना में मामले की शिकायत की, जिसके बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा-तीन(पांच) के साथ पठित धारा 126(2), 118(1), 272 के तहत केस दर्ज किया है।