बरेली में हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आठ साल की बेपनाह मोहब्बत का अंत हत्या से हुआ, जिसे जानकर लोग हैरान हैं। शादी को अभी दो महीने ही बीते थे कि जिस मोहब्बत के लिए जितेंद्र ने करीब 8 साल इंतजार किया, उसी मोहब्बत ने उसकी जान ले ली। बताया जा रहा है कि थाना इज्जतनगर के मौहाला कैलाशपुरम में रहने वाले इंडियन वेटनरी रिसर्च सेंटर (IVRI) के संविदाकर्मी जितेंद्र की हत्या का पर्दाफाश हुआ है। पहले इसे आत्माहत्या माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पत्नी की खौफनाक करतूत की पूरी कहानी खोल दी।
गला दबाकर मार डाला, शव को फंदे से टांग दिया
जितेंद्र के शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई है। हत्या के बाद उसके शव को फंदे पर टांगा गया था। सोमवार की सुबह जब पुलिस कमरे में दाखिल हुई तो जितेंद्र यादव का शव कमरे में बने रोशनदान से मफलर के सहारे लटका था। जितेंद्र के पैर नीचे रखे स्टूल पर टिके हुए थे और जीभ बाहर निकली हुई थी। प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे आत्महत्या मान रही थी, लेकिन फॉरेंसिक टीम और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि जितेंद्र ने खुदकुशी नहीं की, बल्कि उसकी गला घोंटकर हत्या के बाद उसे फंदे पर लटकाया गया ताकि मामला आत्महत्या लगे।
घरवालों ने पत्नी ज्योति पर लगाया आरोप
घरवालों का आरोप है कि उसकी पत्नी ज्योति शादी के बाद से ही जितेंद्र पर दबाव बना रही थी कि वह अपनी पुस्तैनी सम्पति बेच दे और शहर में घर और एक फोर व्हीलर गाड़ी उसके नाम से खरीद ले। उसके ऐसा नहीं करने पर ज्योति और उसके घरवालों ने पूरे परिवार को दहेज उत्पीड़न के केस में फंसाने की धमकी भी दी थी। लेकिन पुलिस पूछताछ में घटना का कारण मृतक द्वारा ऑनलाइन जुआ खेलने की बात बताई गई है।
ऑनलाइन गेम खेलने को लेकर हुआ विवाद
जितेंद्र और ज्योति के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने पर पता चला कि वारदात के वक्त ज्योति ने आखिरी कॉल अपने घरवालों को की थी। जिसके बाद थाना इज्जत नगर पुलिस ने ज्योति और उसके घरवालों को पकड़ा। एफआईआर में पहले 'आत्महत्या के लिए उकसाने' का मामला दर्ज था, उसे अब हत्या की धारा में तब्दील किया है। घटना का कारण मृतक द्वारा ऑनलाइन जुआ खेलने की बात कही गई है और इसी बात पर पति-पत्नी में आपसी विवाद हुआ और उसके पश्चात पत्नी ने घरवालों के साथ मिलकर जितेंद्र की हत्या कर दी।
सीओ ने बताया थाना इज़्ज़त नगर में क्राइम नम्बर 66/ 26 धारा 108 351 तीन bns के अंतर्गत तहरीर के आधार पर पंजीकृत कराया गया जिसमें जितेंद्र कुमार यादव का शव अपने किराए के घर में फंदे से लटकता पाया गया था। हत्या का खुलासा होने पर जितेंद्र की पत्नी ज्योति, उसके पिता कालीचरण और मां चमेली को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया जहां से इनको जेल भेज दिया गया।
(बरेली से विकास साहनी की रिपोर्ट)