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पतंजलि योग ग्राम की फर्जी वेबसाइट बनाकर ऐसे कर रहे थे ठगी, तीन हुए गिरफ्तार

Edited By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia Published : Nov 12, 2022 12:52 pm IST, Updated : Nov 12, 2022 12:52 pm IST

Cheating by Creating Patanjali Fake Website:बाबा रामदेव के कंपनी पतंजली के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी का धंधा चलाया जा रहा था। इस धंधे में कई युवक शामिल थे और अब तक दर्जनों लोगों को ठगी का शिकार बना चुके हैं।

बिहार पुलिस की फाइल फोटो- India TV Hindi
Image Source : PTI बिहार पुलिस की फाइल फोटो

Cheating by Creating Patanjali Fake Website:बाबा रामदेव के कंपनी पतंजली के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी का धंधा चलाया जा रहा था। इस धंधे में कई युवक शामिल थे और अब तक दर्जनों लोगों को ठगी का शिकार बना चुके हैं। आरोपी अपने को उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित पतंजलि योग ग्राम का प्रतिनिधि बताकर आयुर्वेदिक उपचार को इच्छुक लोगों को ठग लेते थे।

अब बिहार से इस मामले में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार इसकी जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि पतंजलि योग ग्राम की 20 फर्जी वेबसाइट की पहचान की गईं और उन्हें ब्लॉक करने (प्रतिबंधित करने) के लिए उनका ब्योरा ‘नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया’ को भेजा गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान हरेंद्र कुमार (25), रमेश पटेल (31) और आशीष कुमार (22) के तौर पर की गई है जो बिहार के निवासी हैं।

एक व्यक्ति की शिकायत पर पकड़े गए आरोपी

पुलिस के अनुसार हरेंद्र वेबसाइट निर्माता है और उसने ही लोगों को ठगने के लिए फर्जी वेबसाइट बनाई थीं। नितिन शर्मा नामक एक व्यक्ति ने पुलिस से शिकायत की थी कि वह अपने बेटे का आयुर्वेदिक इलाज कराना चाहते थे और उन्हें इंटरनेट पर एक मोबाइल नंबर मिला था। शर्मा के मुताबिक जब उन्होंने इस नंबर फोन किया, तो उधर से एक व्यक्ति ने अपने को पतंजलि से जुड़ा डॉ सुनील गुप्ता बताया और उनसे पंजीकरण शुल्क के रूप में 10,000 रुपये का भुगतान करने को कहा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शर्मा के अनुसार उनसे कई बार भुगतान करने को कहा गया और इस तरह उनसे 2,40,500 रुपये ऐंठ लिये गये।

चोरी के मोबाइल से की आरोपियों ने बात
अधिकारी ने कहा कि जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि जो मोबाइल नंबर इंटरनेट पर था, वह कोलकाता में खरीदा गया था और बिहार के नालंदा में चालू था। उनके अनुसार शर्मा द्वारा जमा किए गए पैसे पश्चिम बंगाल के अलग-अलग एटीएम से निकाले गये थे। पुलिस उपायुक्त (उत्तर) सागर सिंह कलसी ने कहा कि जांच के दौरान हरेंद्र पकड़ा गया तथा उससे मिली जानकारी के आधार पर पटेल और कुमार को नालंदा के गिरियाक से बिहार पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया गया । पुलिस के अनुसार जांच के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि धोखाधड़ी करने के लिए उन्होंने पश्चिम बंगाल, असम और ओडिशा से सक्रिय सिमकार्ड खरीदे थे तथा कई बैंक खाते खुलवाये थे। पुलिस ने कहा किपतंजलि योग ग्राम जैसी वेबसाइट भी इसी उद्देश्य के लिए बनाई गई थीं।

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