नई दिल्ली: छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोपी बाबा चैतन्यानंद सरस्वती को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बाबा चैतन्यानंद को आगरा के एक होटल 'फर्स्ट ताजगंज' से गिरफ्तार किया गया है। बाबा को लेकर दिल्ली पुलिस की टीम आगरा से दिल्ली पहुंच चुकी है। दिल्ली पुलिस आज बाबा को कोर्ट में पेश करेगी। इसके बाद, दिल्ली पुलिस बाबा की रिमांड मांग सकती है।
इससे पहले, दिल्ली की पटियाला हाई कोर्ट ने स्वामी चैतन्यानंद की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। वहीं, दिल्ली पुलिस ने बाबा चैतन्यानंद के 8 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं। ये रकम 18 बैंक खातों और 28 एफडी में जमा थी। ये रकम आरोपी पार्थसारथी उर्फ बाबा चैतन्यानंद सरस्वती के द्वारा बनाए गए ट्रस्ट से जुड़ी हुई है।
दिल्ली के श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया मैनेजमेंट एंड रिसर्च में छात्राओं के साथ हैवानियत करने वाले चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ 2016 में भी एक मामला दर्ज हुआ था। उस समय लड़की किसी तरह चैतन्यानंद के चंगुल से बचकर भागी थी। भागते समय लड़की ने अपना बैग और डॉक्यूमेंट भी छोड़ दिया था। इसके बावजूद, चैतन्यानंद के लोग पीछा करते हुए उसके घर तक पहुंचे थे।
2016 में दर्ज की गई FIR में लड़की ने आरोप लगाए थे कि चैतन्यानंद पीड़ित छात्राओं को कमरे में बंद रखता था। पीड़ित छात्रा उस समय 20-21 साल की थी। स्वामी चैतन्यनंद सरस्वती रात में कॉल कर उसके साथ गंदी बातें करता था। उसे ‘बेबी’ और ‘स्वीट गर्ल’ कहकर बुलाता था।
लड़की ने बताया था कि चैतन्यानंद ने उससे फोन छीन लिया था। वह हॉस्टल में पीड़ित छात्रा को अकेले रखता था और दूसरी छात्राओं से बात करने पर डांटता था। चैतन्यानंद ने पीड़िता पर दो दिन की मथुरा ट्रिप के लिए दबाव बनाया था। लड़की इसके लिए तैयार नहीं थी। ऐसे में चैतन्यानंद से डर के मारे उसे बैग-डॉक्यूमेंट्स छोड़कर भागना पड़ा था। भागने के बाद भी चैतन्यानंद सरस्वती के लोग उसके घर तक पहुंचे थे। ऐसे में पीड़ित के पिता ने उन्हें भगा दिया था और अपनी बेटी को उनसे बचाया था।
चैतन्यानंद के खिलाफ अब तक 5 FIR दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से 2 एफआईआर पुरानी है। एक एफआईआर 2009 और दूसरी 2016 की है, जबकि तीसरी FIR मठ में धोखाधड़ी, चौथी FIR छात्राओं के साथ छेड़छाड़, और पांचवीं FIR फर्जी डिप्लोमैट नंबर प्लेट की है। चैतन्यानंद लाल गाड़ी में बार-बार नंबर प्लेट बदलता रहता था। सभी नंबर प्लेट पर UN लिखा रहता है, बस नंबर प्लेट पर डिजिट बदल दी जाती थी।
स्वामी चैतन्यानंद के खिलाफ 17 लड़कियों के बयान कोर्ट में दर्ज किए गए हैं। जिसमें पता लगा है कि स्वामी लड़कियों को ब्लैकमेल कर रहा था और उन्हें धमकाता भी था। दिल्ली पुलिस ने पीड़ित लड़कियों के 164 के बयान दर्ज करवाए हैं।
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