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दिल्ली: तिहाड़ जेल से फरलो मिलने के बाद गैंगस्टर सोहराब फरार, मचा हड़कंप, तलाश में जुटीं एजेंसियां

Reported By : Kumar Sonu Edited By : Rituraj Tripathi Published : Jul 06, 2025 01:11 pm IST, Updated : Jul 06, 2025 01:15 pm IST

तिहाड़ जेल से फरलो लेकर गए गैंगेस्टर सोहराब को 2 दिन पहले तिहाड़ जेल में वापस आना था और सरेंडर करना था लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।

Tihar Jail- India TV Hindi
Image Source : PTI/FILE तिहाड़ जेल से फरलो मिलने के बाद गैंगस्टर फरार

नई दिल्ली: तिहाड़ जेल से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। यूपी का एक गैंगस्टर तिहाड़ जेल से फरलो मिलने के बाद फरार हो गया है। तिहाड़ जेल प्रशासन ने दिल्ली पुलिस और यूपी STF को फरार कैदी की जानकारी दी है।

क्या है पूरा मामला?   

गैंगेस्टर सोहराब को तिहाड़ जेल से फरलो मिली थी। उसे 2 दिन पहले तिहाड़ जेल में वापस आकर सरेंडर करना था लेकिन वो तिहाड़ जेल वापस नहीं आया। जिसके बाद तिहाड़ जेल ने एहतियातन प्रक्रिया के तहत संबंधित एजेंसियों को सोहराब नाम के कैदी के फरार होने की सूचना दी, जिसके बाद एजेंसियां उसकी तलाश कर रही हैं।

तिहाड़ जेल में बंद कैदी किसी न किसी आपातकालीन वजह से फरलो लेते हैं, जिसमें उन्हें घर जाने की आजादी होती है। जिसे कुछ दिन के लिए ही दिया जाता है और कैदी उसकी समयावधि के अंदर आखिरी दिन जेल में सरेंडर करते हैं। लेकिन गैंगस्टर रह चुका सोहराब गायब हो गया। अब एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी हुई हैं। 

क्या होती है फरलो?

जेल में कैदी को मिलने वाली फरलो एक अस्थायी रिहाई या छुट्टी होती है, जिसके तहत कैदी को कुछ समय के लिए जेल से बाहर जाने की अनुमति दी जाती है। यह छुट्टी कैदी को अपने परिवार से मिलने, सामाजिक संबंध बनाए रखने, या व्यक्तिगत कार्यों (जैसे शादी, अंतिम संस्कार, या अन्य महत्वपूर्ण पारिवारिक घटनाओं) के लिए दी जा सकती है। फरलो का उद्देश्य कैदी के पुनर्वास (rehabilitation) को बढ़ावा देना और उसे समाज के साथ फिर से जुड़ने में मदद करना है।

भारत में, फरलो की अवधि आमतौर पर 7 से 14 दिनों तक होती है, हालांकि यह जेल नियमों और कैदी के मामले पर निर्भर करता है। फरलो आमतौर पर उन कैदियों को दी जाती है, जिनका व्यवहार जेल में अच्छा रहा हो। यह उन कैदियों को मिल सकती है, जो लंबी सजा काट रहे हों और कुछ शर्तों को पूरा करते हों। गंभीर अपराधों (जैसे आतंकवाद, संगठित अपराध) में शामिल कैदियों को फरलो मिलना मुश्किल होता है।

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