Wednesday, February 04, 2026
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कमला नेहरू कॉलेज में 'अंतरराष्ट्रीय संस्कृत विदुषी सम्मेलन' का आयोजन; गूंजा राष्ट्रीय चेतना और नारी शक्ति का स्वर

इस साल सम्मेलन का मुख्य विषय “राष्ट्रीय संचेतना एवं युग-युगीन नारी” रखा गया। सम्मेलन का उद्देश्य भारतीय इतिहास और संस्कृति के विभिन्न कालखंडों में नारी की भूमिका और उनके राष्ट्रीय योगदान को रेखांकित करना था।

Edited By: Niraj Kumar @nirajkavikumar1
Published : Jan 31, 2026 05:53 pm IST, Updated : Jan 31, 2026 05:55 pm IST
अंतरराष्ट्रीय संस्कृत विदुषी सम्मेलन- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT अंतरराष्ट्रीय संस्कृत विदुषी सम्मेलन-2026

नई दिल्ली:  राजधानी दिल्ली के कमला नेहरू कॉलेज के सभागार में आज संस्कृत संस्कृति विकास संस्थान न्यास (दिल्ली प्रान्त)और कॉलेज के संस्कृत विभाग के संयुक्त तत्वावधान में अन्तरराष्ट्रीय संस्कृत विदुषी सम्मेलन – 2026 का भव्य आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य विषय “राष्ट्रीय संचेतना एवं युग-युगीन नारी” था। सम्मेलन का उद्देश्य भारतीय इतिहास एवं संस्कृति के विभिन्न युगों में नारी की भूमिका को राष्ट्रीय संचेतना के परिप्रेक्ष्य में समझना, उसका विश्लेषण करना तथा नारी के सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक एवं राष्ट्रीय योगदान के प्रति जागरूकता पैदा करना था। सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि राजस्थान के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने दीप प्रजज्वलित कर किया 

संस्कृति और नारी शक्ति पर जोर

अपने संबोधन में जवाहर सिंह बेढम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा "विकास और विरासत दोनों अनिवार्य हैं। हम चाहे कितने भी आधुनिक हो जाएं, हमें अपनी मूल संस्कृति और विरासत को नहीं भूलना चाहिए।" नारी शक्ति की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं का स्थान हमेशा सबसे ऊपर रहा है, यही कारण है कि हम 'राम-सीता' नहीं बल्कि 'सीता-राम' और 'कृष्ण-राधा' नहीं बल्कि 'राधा-कृष्ण' कहते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा विधानसभाओं में महिलाओं को दिए गए 33 प्रतिशत आरक्षण का उल्लेख किया और कहा कि पीएम मोदी ने नारी शक्ति का सम्मान करते हुए सभी विधानसभा में 30 प्रतिशत आरक्षण नारी शक्ति के नाम कर दिया है।

Sanskrit Sammelan

Image Source : REPORTER INPUT
संस्कृत के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाली सात विदुषियों को विशेष सम्मान से अलंकृत किया गया।

इस अवसर पर  प्रोफेसर विजय गर्ग ने संस्था के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ी के लिए हमें उन्हें अपनी संस्कृति से परिचित कराना ही जरूरी नहीं, उन्हें इसे आत्मसात् भी करना जरूरी होगा। दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रंजन त्रिपाठी ने भारतीय नारी शक्ति पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर संस्कृत के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाली सात विदुषियों को विशेष सम्मान से अलंकृत किया गया।

  1. प्रो. मीरा द्विवेदी
  2. प्रो. शशि प्रभा कुमार
  3. प्रो. हरप्रीत कौर
  4. डॉ. धर्मा
  5. डॉ. चारू कालरा
  6. आचार्या अन्नपूर्णा
  7. आचार्या नंदिता

अगले सम्मेलन की घोषणा

इस अवसर पर माता सुंदरी कॉलेज की प्राचार्या प्रोफ़ेसर हरप्रीत कौर ने ऐलान किया कि अगले साल का विदुषि सम्मेलन उनके कॉलेज में आयोजित किया जाएगा ।  इस पहल के लिए राजस्थान के गृह राज्य मंत्री ने उन्हें विशेष धन्यवाद दिया।

अंतरराष्ट्रीय संस्कृत विदुषी सम्मेलन 2026

Image Source : REPORTER INPUT
अंतरराष्ट्रीय संस्कृत विदुषी सम्मेलन 2026

इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. रंजन त्रिपाठी, सारस्वत अतिथि के रूप में प्रो. दीप्ति त्रिपाठी और सत्राध्यक्ष के रूप में JNU के प्रो. सुधीर आर्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में अध्यक्ष डॉ. अंजू सेठ, समन्वयक प्रो. विजय गर्ग, संयोजक प्रो. सुषमा चौधरी और सूत्रधार सुनील शर्मा की मुख्य भूमिका रही। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. कामना विमल, डॉ. मोनिका मिश्रा और डॉ. रितिका द्वारा किया गया।

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