Wednesday, February 04, 2026
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5 February 2026 Panchang: गुरुवार को रखा जाएगा संकष्टी गणेश चतुर्थी का व्रत,जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

5 February 2026 Ka Panchang: आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए 5 फरवरी 2026 का शुभ मुहूर्त क्या है। साथ ही जानें गुरुवार का राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय

Written By : Acharya Indu Prakash Edited By : Vineeta Mandal Published : Feb 04, 2026 04:16 pm IST, Updated : Feb 04, 2026 04:16 pm IST
गुरुवार का पंचांग 5 फरवरी 2026- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV गुरुवार का पंचांग 5 फरवरी 2026

5 February 2026 Ka Panchang: 5 फरवरी को फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि और गुरुवार का दिन है। चतुर्थी तिथि गुरुवार रात 12 बजकर 23 मिनट तक रहेगी। 5 फरवरी को रात 12 बजकर 4 मिनट तक सुकर्मा योग रहेगा। साथ ही गुरुवार रात 10 बजकर 58 मिनट तक उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा 5 फरवरी को संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत है। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए गुरुवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।

5 फरवरी 2026 का शुभ मुहूर्त

  • फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि- 5 फरवरी 2026 को चतुर्थी तिथि आज रात 12 बजकर 23 मिनट तक
  •  सुकर्मा योग-  5 फरवरी 2026 को  रात 12 बजकर 4 मिनट तक
  • उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र- 5 फरवरी 2026 को  रात 10 बजकर 58 मिनट तक
  • 5 फरवरी 2026 व्रत-त्यौहार-  संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत

राहुकाल का समय

  • दिल्ली- दोपहर पहले 11:13 - 12:35 PM
  • मुंबई- दोपहर पहले 11:28 - 12:53 PM
  • चंडीगढ़- दोपहर पहले 11:16 - 12:37 PM
  • लखनऊ- सुबह 10:58 - 12:21 PM
  • भोपाल- दोपहर पहले 11:10 - 12:34 PM
  • कोलकाता- सुबह 10:27 - 11:51 PM
  • अहमदाबाद- दोपहर पहले 11:30 - 12:53 PM
  • चेन्नई- सुबह 10:56 - 12:23 PM

सूर्योदय-सूर्यास्त का समय

  • सूर्योदय- सुबह 7:06 am
  • सूर्यास्त- शाम 6:03 pm

 संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत

चतुर्थी तिथि के दिन भगवान गणेश के निम्मित व्रत रख रात को चंद्रोदय के समय व्रत का पारण किया जाता है। बता दें कि प्रत्येक महीने के कृष्ण और शुक्ल, दोनों पक्षों की चतुर्थी को भगवान गणेश की पूजा का विधान है। बस फर्क केवल इतना है कि कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी, जबकि शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को वैनायकी श्री गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। कहते हैं कि जो व्यक्ति संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत करता है, उसके जीवन में चल रही सभी समस्याओं का समाधान निकलता है और उसके सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है। इस व्रत का पारण चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद किया जाता है। रात चंद्रोदय रात 9 बजकर 35 मिनट पर होगा।

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7:30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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