नीट परीक्षा में लाखों छात्र-छात्राएं शामिल होते हैं। नीट के जरिए ही सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में अंडरग्रेजुएट कोर्स (एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस आदि) में एडमिशन मिलता है। नीट परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शुमार है इसी कारण इस परीक्षा में लाखों उम्मीदवारों में से सिर्फ 1 लाख छात्र ही चुने जाते हैं।
जानकारी दे दें कि नीट की परीक्षा 720 नंबरों की होती है। इसी के साथ परीक्षा में इसके कटऑफ भी काफी ऊपर जाती है। हालांकि रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को इस परीक्षा में काफी छूट भी मिलती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या नीट में 300 नंबर लाने वाले उम्मीदवार को सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीट मिल सकती है? आइए जानते हैं इसका जवाब...
मिल सकता है 300 नंबर के साथ एडमिशन?
नीट परीक्षा 720 नंबर की होती है और देश में एमबीबीएस की कुल सीटें 1 लाख के आसपास हैं। इस कारण नीट यूजी की जनरल कटऑफ 600 के आसपास रहती है, ओबीसी की कटऑफ 550 के आसपास जाती है। जबकि एससी और एसटी की कटऑफ 500 के आसपास जाती है, ऐसे में 300 नंबर लाने वाले एससी कैटेगरी के उम्मीदवारों को सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीट मिलना मुश्किल हो सकता है, हालांकि यह पूरी तरह से असंभव नहीं है। अगर किसी साल एससी का कटऑफ 300 के आसपास आ गया तो यह संभव है।
इन बातों का रखें ध्यान
यदि आप कुछ खास कॉलेजों में प्रवेश के लिए योग्य हैं या कुछ खास राज्यों के आरक्षण मानदंडों का फायदा उठा सकते हैं, तो 300 नंबर भी पर्याप्त हो सकते हैं। इसके लिए कुछ मेडिकल कॉलेज ऐसे हैं जो 300 अंक के साथ भी एससी उम्मीदवारों को एडमिशन देते हैं। साथ ही कुछ राज्य सरकारों के पास एससी उम्मीदवारों के लिए आरक्षण योजनाएं हैं, जो उन्हें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीट दिला सकती हैं। ऐसे में काउंसलिंग के दौरान, आपको अपनी कैटेगरी के अनुसार सीटों का चयन करने का अवसर मिलेगा, जो आपके एडमिशन की संभावना को बढ़ा सकता है। आप मेडिकल कॉलेजों की लिस्ट देख सकते हैं जो 300 नंबर के साथ एडमिशन देते हैं, और साथ ही आप अपने राज्य के आरक्षण मानदंडों के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।