1. Hindi News
  2. एजुकेशन
  3. ब्रिटेन में भारतीय छात्रों के लिए रहना-खाना हुआ मुश्किल, महंगाई ने तोड़ दी है कमर

ब्रिटेन में भारतीय छात्रों के लिए रहना-खाना हुआ मुश्किल, महंगाई ने तोड़ दी है कमर

 Edited By: Pankaj Yadav @ThePankajY
 Published : Jan 08, 2023 06:20 pm IST,  Updated : Jan 08, 2023 06:20 pm IST

ब्रिटेन में महंगाई के चलते बाहर से पढ़ने आने वाले छात्रों की कमर टूट गई है। यहां पर छात्रों को रहने के लिए जगह ढूंढना बहुत मुश्किल हो रहा है क्योंकि ब्रिटेन मे रहना-खाना इतना महंगा है कि छात्र अपने खर्च कैसे संभाल पाएंगे ये एक बड़ी चुनौती है।

ब्रिटेन में भारतीय छात्रों के लिए वहां रहना एक चुनौती जैसा है।- India TV Hindi
ब्रिटेन में भारतीय छात्रों के लिए वहां रहना एक चुनौती जैसा है।

ब्रिटेन ने भले ही इस वर्ष सबसे अधिक संख्या में भारतीयों को छात्र वीजा जारी किए हों, लेकिन बढ़ती महंगाई के कारण अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए वहां रहना और जीवनयापन करना मुश्किल हो गया है। छात्रों और उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, विदेश में पढ़ना उन विद्यार्थियों के लिए मुश्किल हो गया है, जो अभी-अभी ब्रिटेन गए हैं। एक ऐसा देश जो उनके लिए पूरी तरह अनजान है, वहां सिर पर छत नहीं मिल पाना किसी बुरे सपने से कम नहीं है। उनका संकट केवल सस्ता आवास खोजने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि लगातार बढ़ती खाने-पीने की चीजों पर महंगाई भी उनके लिए चुनौती है, जिससे उनके रोज के खर्चों में वृद्धि हुई है।

ब्रिटेन में महंगाई 2022 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। सितंबर 2022 तक के 12 महीनों में मकान किराया समेत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPIH) 8.8 प्रतिशत बढ़ गया। नवंबर के आंकड़ों के अनुसार, मुद्रास्फीति की दर 9.3 प्रतिशत पर पहुंच गई। ब्रिटिश उच्चायोग के आंकड़ों के अनुसार, ब्रिटेन में प्रायोजित अध्ययन वीजा जारी करने वाले देश के रूप में भारत चीन से आगे निकल गया है। सितंबर 2022 में समाप्त हुए वर्ष के लिए भारतीयों को सबसे अधिक 1.27 लाख छात्र वीजा प्राप्त हुए।

घर खोजने के लिए देने पड़े 1 लाख रुपए

लंदन के गोल्डस्मिथ विश्वविद्यालय में पढ़ाई के लिए ब्रिटेन गईं चयनिका दुबे ने कहा, ‘पिछले साल एक अक्तूबर से 21 अक्तूबर के बीच मुझे घर तलाशने में ‘एयरबन्स' पर करीब एक लाख रुपये खर्च करना पड़ा।' एयरबन्स किराए पर घर मुहैया कराने वाली कंपनी है। बर्मिंघम में एस्टन विश्वविद्यालय में एमएससी की पढ़ाई करने गए नमन ने कहा, ‘महंगाई में अपने खर्चों को कम रखना अपने आप में एक चुनौती थी। मैंने सिर्फ जरूरी चीजों पर ध्यान केंद्रित किया।' छात्रों को आवास खोजने में मदद करने के मंच यूनीएक्को के संस्थापक अमित सिंह ने दावा किया कि ब्रिटेन पिछले 8-10 वर्षों से आवास संकट से गुजर रहा है।

सात साल में आया बड़ा अंतर

रिया जैन ने सात साल पहले अपनी स्नातक की पढ़ाई ब्रिटेन से पूरी की और आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने एक बार फिर उसी जगह को चुना है। जैन ने कहा, ‘‘सात साल पहले मैं दो सप्ताह के लिए भोजन पर जितना खर्च करती थी उतना अब संभवत: चार दिन से अधिक नहीं चल पाएगा।’’ जैन यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थम्प्टन से प्रोजेक्ट मैनेजमेंट में M.Sc कर रही हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। एजुकेशन से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।