नई दिल्ली। हरियाणा में 11 महीने पहले असतित्व में आई जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के प्रमुख 31 वर्षीय दुष्यंत चौटाला हरियाणा की राजनीति में किंगमेकर बनकर उभरे हैं। हरियाणा विधानसभा चुनावों में अभी तक रुझानों के मुताबिक जननायक जनता पार्टी के 10 उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी 37 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। कांग्रेस 35 सीटों पर आगे है। हरियाणा में सरकार बनाने के लिए 46 विधायकों की जरूरत है। ऐसे में जेजेपी के हाथों में सत्ता की चाबी है, वह जिस दल को अपना समर्थन देगी, राज्य में सरकार उसी की बनेगी। दुष्यंत चौटाला ने शुक्रवार को 11 बजे विधायकों की बैठक बुलाई है। इस बैठक के बाद ही वह अपने फैसले का ऐलान करेंगे।
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वैसे कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दुष्यंत चौटाला के संपर्क में हैं। अब देखना यह है कि किस दल के साथ उनकी पटरी बैठती है। उल्लेखनीय है कि दुष्यंत के दादा ओमप्रकाश चौटाला और पिता अजय चौटाला दोनों ही भ्रष्टाचार के आरोप में इस समय जेल में बंद हैं।
कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में की पढ़ाई
दुष्यंत चौटाला ने कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। शुरुआती स्कूली शिक्षा उन्होंने हिसार के सेंट मैरी स्कूल से पूरी की, इसके बाद आगे की पढ़ाई उन्होंने हिमाचल प्रदेश के लॉरेंस स्कूल से की। दुष्यंत ने नेशनल लॉ कॉलेज से कानून में पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया है।
सबसे युवा सांसद का रिकॉर्ड है इनके नाम
वर्ष 2014 में दुष्यंत चौटाला पहली बार चुनावी मैदान में उतरे और लोकसभा चुनाव में हरियाणा जनहित कांग्रेस के कुलदीप बिश्नोई को 31,847 वोटों से हराकर सबसे युवा सांसद बनने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इस रिकॉर्ड को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया है।
परदादा देवीलाल थे उप-प्रधानमंत्री
दुष्यंत को राजनीति विरासत में मिली है। उनके परदादा चौधरी देवी लाल हरियाणा में एक कद्दावर जाट नेता थे और वे देश के उप-प्रधानमंत्री भी रहे थे। दुष्यंत के दादा ओमप्रकाश चौटाला हरियाणा के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। पिजा अजय चौटाला भी सांसद रह चुके हैं।
11 महीने पहले बनाई पार्टी
चाचा अभय चौटाला के साथ राजनीतिक मतभेद होने के बाद दुष्यंत ने 11 माह पहले ही अपनी नई पार्टी जननायक जनता पार्टी का गठन किया था। 2018 में ओमप्रकाश चौटाला ने जेल से ही अभय चौटाला को अपना उत्तराधिकारी चुना। इसके बाद दुष्यंत ने बगावत शुरू कर दी। चुनाव के बाद अब अभय के सामने दुष्यंत को देवीलाल का उत्तराधिकारी माना जा रहा है।