Tuesday, January 06, 2026
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Explainer: वेनेजुएला के बाद मैक्सिको पर होगा अमेरिकी हमला? ट्रंप की रणनीति क्या है? आसान भाषा में समझें

वेनेजुएला कार्रवाई के बाद ट्रंप की मैक्सिको पर धमकियां दबाव की रणनीति हैं। मैक्सिको लोकतांत्रिक, अहम व्यापारिक साझेदार और सहयोगी है। ड्रग्स व प्रवासन पर सहयोग बढ़ रहा है। सैन्य हमला अमेरिका के हित में नहीं, जोखिम ज्यादा हैं। इसलिए एकतरफा कार्रवाई की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।

Edited By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX
Published : Jan 06, 2026 08:10 am IST, Updated : Jan 06, 2026 08:10 am IST
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Image Source : AP अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मेक्सिको की प्रेसिडेंट क्लाउडिया शीनबॉम।

हाल ही में अमेरिका ने वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई की और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करके अमेरिका ले आया। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मैक्सिको के ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ भी सैन्य एक्शन की धमकी दी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका आने वाले दिनों में मैक्सिको पर भी हमला करेगा? आखिर अमेरिका की असली रणनीति क्या है? आइए, इन सारे सवालों के जवाब मौजूदा हालात को ध्यान में रखकर ढूंढ़ने की कोशिश करते हैं।

ट्रंप ने मैक्सिको समेत कई देशों को दी थी चेतावनी

वेनेजुएला में 3 जनवरी 2026 को अमेरिकी सेना ने बड़ा ऑपरेशन किया। अमेरिका की स्पेशल डेल्टा फोर्स ने ड्रग तस्करी के आरोपों से घिरे मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें अमेरिकी धरती पर ले आए। पूरे ऑपरेशन के बाद ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब वेनेजुएला को तब तक संभालेगा जब तक नई व्यवस्था नहीं बन जाती। कई लोग मानते हैं कि इस कार्रवाई के पीछे ड्रग्स की तस्करी पर लगाम लगाने के नाम पर तेल और सत्ता पर कब्जे का मकसद भी है। इस घटना के बाद ट्रंप ने मैक्सिको, कोलंबिया और क्यूबा को भी चेतावनी दी कि ड्रग्स की समस्या नहीं रोकी गई तो कार्रवाई हो सकती है।

मैक्सिको की स्थिति वेनेजुएला से बिल्कुल अलग

मैक्सिको पर हमले की संभावना को मैक्सिकन राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम और ज्यादातर एक्सपर्ट्स बहुत कम आंक रहे हैं। दरअसल, मैक्सिको की स्थिति वेनेजुएला से बिल्कुल अलग है। वेनेजुएला में जहां मादुरो को तानाशाह माना जाता था और चुनावों में धांधली के आरोप थे, जबकि शीनबॉम लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई नेता हैं और अपने देश में काफी लोकप्रिय हैं। दूसरी तरफ मैक्सिको अमेरिका के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है। दोनों देशों की अर्थव्यवस्था एक-दूसरे पर निर्भर है और लाखों मैक्सिकन अमेरिका में रहते हैं। ऐसे में हमला करने से अमेरिका को खुद बहुत नुकसान होगा।

मैक्सिको पर दबाव बनाने के लिए धमकी दे रहे ट्रंप

ट्रंप की धमकियां आमतौर पर दबाव बनाने का तरीका हैं। चुनाव अभियान से ही ट्रंप मैक्सिको में कार्टेल्स पर हमले की बात करते रहे हैं, लेकिन अब वह इन मुद्दों पर थोड़ा संभलकर बोलते दिखाई देते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ट्रंप और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो 'गुड कॉप-बैड कॉप' का गेम खेल रहे हैं। एक तरफ जहां ट्रंप खुद धमकी देते हैं तो दूसरी तरफ रुबियो बातचीत के जरिए मामले को संभालते दिखाई देते हैं। पहले भी टैरिफ की धमकी देकर मैक्सिको से रियायतें ली गईं, और अब ड्रग्स और अवैध प्रवास पर दबाव बनाया जा रहा है।

मैक्सिको पर हमला करना अमेरिका के हित में नहीं

अमेरिका की ज्यादातर मांगें मैक्सिको मान भी रहा है। ट्रंप के दबाव के बाद कार्टेल्स के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है, गिरफ्तारियां बढ़ी हैं, ड्रग्स की जब्ती हुई है और अवैध प्रवासियों को रोकने के उपाय किए गए हैं। मैक्सिको ने अन्य देशों से आने वाले डिपोर्ट किए गए लोगों को भी स्वीकार किया है। अगर अमेरिका सैन्य हस्तक्षेप करेगा तो मैक्सिको की तरफ से यह सहयोग रुक जाएगा, जो ट्रंप के लिए बड़ा झटका होगा। शीनबॉम ने साफ कहा है कि उन्हें हमले का कोई खतरा नहीं दिखता, क्योंकि अमेरिका के साथ सहयोग चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि संगठित अपराध को किसी दूसरे देश की सेना खत्म नहीं कर सकती।

मैक्सिको पर सैन्य कार्रवाई की संभावना न के बराबर

अमेरिका किसी भी कीमत पर ड्रग्स को अपने देश में आने से रोकना चाहता है क्योंकि इससे हजारों मौतें हो रही हैं। इस साल USMCA व्यापार समझौते की समीक्षा भी है, जिसका फायदा उठाकर ट्रंप मैक्सिको से और भी बहुत सारी चीजें चाहते हैं जैसे कि अमेरिकी एजेंसियों को ज्यादा पहुंच, बड़े कार्टेल लीडर्स की गिरफ्तारी और क्यूबा से दूरी। मैक्सिको पर हमला करना अमेरिका के लिए मुश्किल पैदा कर सकता है, और जब धमकियों से काम हो जा रहा है तो ट्रंप ऐसी गलती बिल्कुल नहीं करेंगे। कुल मिलाकर ज्यादातर एक्सपर्ट्स मानते हैं कि मैक्सिको पर एकतरफा सैन्य कार्रवाई नहीं होगी क्योंकि जोखिम बहुत ज्यादा है।

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